राजसमंद। शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निजी शिक्षण संस्थानों ने अब अपनी अनदेखी के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को राजसमंद जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 'निजी विद्यालय संगठन' की एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले भर के विद्यालय संचालकों ने अपनी समस्याओं और सरकारी तंत्र की विसंगतियों के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि यदि सरकार और शिक्षा विभाग ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया, तो आगामी सत्र की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

बैठक का मुख्य केंद्र शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत दी जाने वाली पुनर्भरण राशि का लंबे समय से बकाया होना रहा। विद्यालय संचालकों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि पिछले सत्रों का भुगतान नहीं होने के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। चर्चा के दौरान "भुगतान नहीं तो एडमिशन नहीं" जैसे कड़े रुख पर गंभीरता से विचार किया गया, जिसे लेकर आगामी बैठक में अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा, नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विभिन्न प्रावधानों और नए विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया में विभाग द्वारा लगाए जा रहे अनावश्यक आक्षेपों पर भी संगठन ने कड़ा ऐतराज जताया और इनके तत्काल सरलीकरण की मांग की।

प्रशासनिक स्तर पर थोपे जा रहे कुछ निर्णयों के प्रति भी गहरा आक्रोश देखा गया। राजकीय और निजी विद्यालयों में एक समान यूनिफॉर्म लागू करने के प्रस्ताव को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए संगठन ने इसका पुरजोर विरोध किया और इस संबंध में शिक्षा मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भेजने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही, पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनाने संबंधी विभागीय आदेश की विसंगतियों को लेकर भी स्वर मुखर किए गए और इसमें विभागीय हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया गया।

इस महत्वपूर्ण विमर्श में संगठन के सचिव गिरीश पालीवाल, संरक्षक मंडल के सदस्य भंवर लाल कुमावत व लाल सिंह झाला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार बरार और जिला कोषाध्यक्ष डॉ. किरण कुमार गन्ना ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही विभिन्न ब्लॉकों का नेतृत्व करते हुए देलवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष चतर सिंह चौहान, खमनोर अध्यक्ष चम्पा लाल गायरी, रेलमगरा अध्यक्ष विनोद व्यास, कुंभलगढ़ अध्यक्ष बहादुर सिंह तंवर, राजसमंद से यशवंत त्रिपाठी व यशवंत शर्मा, और देलवाड़ा से मुबारिक अजनबी सहित जवान सिंह देवड़ा, भरत कुमावत, विजेश माली, ईश्वर लाल वर्मा, शंकरसिंह राठौड़, शान्ता मेघलाल, अनिता सोनी एवं देवेन्द्र गर्ग सहित भारी संख्या में जिलेभर के संचालक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संगठन महामंत्री शिव शंकर पूर्बीया ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह बैठक न केवल निजी स्कूलों की एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि सरकार तक अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से पहुंचाने का एक सशक्त मंच भी साबित हुई।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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