देवगढ़ | 23 जनवरी २०२६


राजसमंद जिले के देवगढ़ की सड़कों पर आज निजी शिक्षा जगत की गूँज सुनाई दी, जहाँ निजी विद्यालय संगठन ने अपने हकों की लड़ाई को निर्णायक मोड़ देने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जिला संरक्षक एवं संयोजक श्री लाल सिंह झाला के कुशल मार्गदर्शन और राजसमंद ब्लॉक प्रभारी श्री भरत कुमावत के ऊर्जावान नेतृत्व में आज देवगढ़ ब्लॉक में एक व्यापक 'डोर-टू-डोर' संपर्क अभियान चलाया गया। इस सघन अभियान का मुख्य ध्येय 30 जनवरी 2026 को राजसमंद जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाना और निजी विद्यालयों के अस्तित्व पर मंडराते संकटों के विरुद्ध एकजुटता प्रदर्शित करना है।

अभियान के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने निजी स्कूलों की उन पीड़ाओं को प्रमुखता से उठाया जो लंबे समय से शासन-प्रशासन के गलियारों में अनसुनी रही हैं। चर्चा का मुख्य केंद्र आरटीई (RTE) के बकाया भुगतान में हो रही देरी, भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था का अभाव, प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लंबित भुगतान, समान परीक्षा व्यवस्था की विसंगतियां और खेलकूद गतिविधियों में निजी विद्यालयों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार रहा। इन ज्वलंत मुद्दों पर संवाद करते हुए ब्लॉक प्रभारी भरत कुमावत ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब सभी निजी शिक्षण संस्थानों को अपने मान-सम्मान और अधिकारों के लिए एक जाजम पर आना होगा।

संपर्क की इस कड़ी में देवगढ़ और कामलीघाट क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में दस्तक दी गई। केम्ब्रिज अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, श्रीनाथ पब्लिक स्कूल, विवेकानंद सेकेंडरी स्कूल, DRPS, सुरभि विद्या निकेतन, संस्कार स्कूल, चेतना विद्या मंदिर, DN पब्लिक स्कूल और रॉयल एकेडमी काकरोद जैसे अनेक विद्यालयों के संचालकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान राजेंद्र सिंह शक्तावत, संतोष पुरी, नरेंद्र सिंह चौहान, प्रवेश सिंह, विवेक जोशी, अर्चना सालवी, गोपाल सिंह और गिरधारी सिंह सहित संगठन के अन्य जुझारू पदाधिकारी व कार्यकर्ता पूरी सक्रियता के साथ मौजूद रहे।

क्षेत्र के विद्यालय संचालकों और शिक्षकों ने संगठन की इस मुहिम का गर्मजोशी से स्वागत किया और आगामी 30 जनवरी के जिला स्तरीय प्रदर्शन में भारी संख्याबल के साथ शामिल होने का अटूट भरोसा दिलाया। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि निजी शिक्षा क्षेत्र के सम्मान और समान नीतियों की रक्षा के लिए छिड़ा एक धर्मयुद्ध है। देवगढ़ से उठी यह एकजुटता की लहर बताती है कि राजसमंद में होने वाला आगामी आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है, जहाँ हजारों की संख्या में शिक्षक और संचालक अपने अधिकारों का हिसाब मांगेंगे।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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