राजसमंद में निजी स्कूल संचालकों की हुंकार: 30 जनवरी के महाआंदोलन के लिए 'पीले चावल' बांटकर फूंका गया बिगुल
राजसमंद में निजी विद्यालय संगठन ने 30 जनवरी 2026 को होने वाले जिला स्तरीय धरने के लिए फूंका बिगुल। लाल सिंह झाला, डॉ. लेखराज सिंह और भरत कुमावत के नेतृत्व में पीले चावल बांटकर संचालकों को किया गया आमंत्रित। शिक्षा कुल और स्कूल शिक्षा परिवार ने भी दिया समर्थन। लंबित समस्याओं और समान नीति की मांग को लेकर होगा महाआंदोलन।

राजसमंद की सड़कों पर आज निजी विद्यालय संचालकों का जोश और एकजुटता एक अलग ही स्वरूप में नजर आई। निजी विद्यालय संगठन की जिला टोली ने आगामी 30 जनवरी को होने वाले विशाल जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिला मुख्यालय पर आज एक सघन संपर्क अभियान का आगाज किया गया, जिसमें न केवल रणनीति साझा की गई, बल्कि भारतीय परंपरा के अनुसार 'पीले चावल' बांटकर हर संचालक को इस न्याय की लड़ाई में भागीदार बनने का भावपूर्ण निमंत्रण दिया गया। यह केवल एक प्रदर्शन की तैयारी नहीं, बल्कि निजी शिक्षण संस्थानों के अस्तित्व और सम्मान की रक्षा के लिए एक निर्णायक आह्वान है।
इस सघन जनसंपर्क अभियान का नेतृत्व संगठन के संरक्षक मंडल सदस्य एवं संयोजक श्री लाल सिंह झाला, जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान और श्री भरत कुमावत ने किया। जिला टोली के सदस्यों के साथ इन दिग्गजों ने एक-एक कर विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया और संचालकों को वर्तमान शैक्षिक विसंगतियों के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। अभियान के दौरान टोली ने दत्तात्रेय पब्लिक स्कूल (भावा), नोबल पब्लिक स्कूल (भावा) और प्रगति स्कूल (एमडी) सहित क्षेत्र के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों में दस्तक दी।
संगठन की इस मुहिम को उस वक्त और अधिक बल मिला जब जिला टोली ने शिक्षा कुल राजसमंद के जिलाध्यक्ष मुकेश वैष्णव और स्कूल शिक्षा परिवार के जिलाध्यक्ष प्रवीण गुर्जर से मुलाकात की। इन दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने न केवल इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया, बल्कि यह विश्वास भी दिलाया कि 30 जनवरी को राजसमंद की धरती पर निजी स्कूल संचालकों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा होगा। चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यह प्रदर्शन निजी विद्यालयों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान, प्रदेश में शिक्षा हेतु एक समान नीति लागू करने और निजी क्षेत्र के शिक्षाविदों को उचित सम्मान दिलाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
संपर्क के दौरान प्रत्येक संस्थान के संचालक और पदाधिकारियों ने एक स्वर में इस आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जिला टोली ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में निजी विद्यालयों का योगदान अतुलनीय है, किंतु नीतिगत बाधाओं के कारण आज वे संघर्ष की राह पर हैं। 30 जनवरी का यह धरना-प्रदर्शन सरकार और प्रशासन के समक्ष निजी स्कूलों की एकजुट शक्ति का प्रदर्शन करेगा। जैसे-जैसे प्रदर्शन की तारीख नजदीक आ रही है, राजसमंद के शैक्षिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, जो इस बात का संकेत है कि यह आंदोलन एक बड़े बदलाव की नींव रख सकता है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
