आमेट का गौरव: छत्तीसगढ़ में लहराया राजस्थान का परचम, प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में रचा इतिहास
आमेट के जांबाज रोवरों ने छत्तीसगढ़ के बालोद में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 2026 में इतिहास रच दिया है। राजस्थान ने 19 में से 14 प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान पाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। देवराज देशांतरी, शौर्य प्रताप और दलनायक देवीलाल गुर्जर सहित पूरी टीम का आमेट लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

आमेट। शौर्य और अनुशासन की धरती राजस्थान के जांबाज रोवर-रेंजर्स ने छत्तीसगढ़ की धरा पर अपनी सफलता की ऐसी इबारत लिखी है, जिसने पूरे प्रदेश सहित राजसमंद जिले के आमेट का नाम राष्ट्रीय पटल पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित कर दिया है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित हुई 'प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी' में आमेट स्थानीय संघ के दल ने अपनी ऐतिहासिक भागीदारी निभाते हुए न केवल विभिन्न प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाया, बल्कि राजस्थान को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में निर्णायक भूमिका अदा की।
इस गौरवशाली अभियान में स्थानीय संघ आमेट के राजकीय मॉडल स्कूल से रोवर देवराज देशांतरी और शौर्य प्रताप सिंह भाटी, जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आईडाना से राव कृपाल सिंह परिहार, रतन कौर और विजय सिंह राव ने प्रतिनिधित्व किया। दलनायक देवीलाल गुर्जर (दौवड़ा) के कुशल नेतृत्व में इन युवाओं ने जंबूरी के दौरान आयोजित कलर पार्टी और मार्च पास्ट जैसी कठिन स्पर्धाओं में अपने अद्भुत अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन किया। जंबूरी में देशभर से आए संभागियों के बीच कुल 19 विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिनमें से राजस्थान ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 14 प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार उपलब्धि के साथ राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान का ध्वज फहराया, जिसमें आमेट के इन होनहारों का विशेष योगदान रहा।
अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद, ये सभी विजेता 15 जनवरी 2026 की शाम निजी विमान से पन्नाधाय बस स्टेशन पहुंचे, जहां उनके स्वागत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय संघ आमेट द्वारा आयोजित इस भव्य स्वागत समारोह में मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल नीलेश कुमार खटीक, महावीर प्रसाद बगेरवाल, जिला सहायक प्रभारी कमिश्नर गणपतलाल चौधरी और राहुल कुमावत उपस्थित रहे। साथ ही सपराव का गुडा के प्रधानाध्यापक जगपाल सिंह भाटी, मनभर कंवर भाटी, ललिता जोशी, लव्यांश जेन, धैर्य माहेश्वरी, और हिमांशु ने भी विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।
स्थानीय संघ के सचिव गिरिराज डाकोत ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन युवाओं की घर वापसी किसी उत्सव से कम नहीं थी। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच सभी पदाधिकारियों ने विजेताओं को ऊपरना पहनाकर उनका अभिनंदन किया। यह क्षण केवल एक प्रतियोगिता की जीत का नहीं, बल्कि आमेट के युवाओं की मेहनत और राष्ट्रीय स्तर पर मिली उनकी नई पहचान का प्रतीक बन गया है।

Pratahkal Bureau
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