कुंभलगढ़ में सियासी भूचाल: मतदाता सूची में 'फर्जीवाड़े' के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, उपखंड कार्यालय का घेराव कर मांगी FIR
कुंभलगढ़ विधानसभा में मतदाता सूची पुनरीक्षण में धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस ने उपखंड कार्यालय का घेराव किया। पीसीसी सचिव योगेंद्र सिंह परमार के नेतृत्व में पार्टी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर फर्जी फॉर्म-7 जमा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

कुंभलगढ़: कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। लोकतंत्र के सबसे पवित्र दस्तावेज—मतदाता सूची—में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीसीसी सचिव योगेंद्र सिंह परमार के नेतृत्व में कुंभलगढ़ के सभी मंडल अध्यक्षों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर उपखंड कार्यालय का घेराव किया और एसडीएम (SDM) को ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग के नियमों के उल्लंघन पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
नियमों की अनदेखी और 'फॉर्म-7' का खेल
कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में कथित फर्जीवाड़ा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि राजनीतिक द्वेष के चलते बिना किसी ठोस आधार के थोक के भाव में 'फॉर्म-7' (जो मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए उपयोग होता है) जमा किए जा रहे हैं।
पीसीसी सचिव योगेंद्र सिंह परमार ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यह कृत्य केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने और संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार करने का प्रयास है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इन आवेदनों की बारीकी से जांच नहीं की गई, तो कई वैध मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित होना पड़ सकता है।
प्रशासन के समक्ष रखी गईं दो टूक मांगें
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया जब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी के समक्ष अपनी मांगें रखीं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल पारदर्शिता लानी होगी। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गईं:
- सूचियों का तत्काल हस्तांतरण: नियम विरुद्ध और संदिग्ध तरीके से जमा किए गए सभी फॉर्म-6 (नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) की संकलित सूची कांग्रेस पार्टी को नियमानुसार तुरंत उपलब्ध करवाई जाए, ताकि पार्टी स्तर पर इसकी जांच की जा सके।
- दोषियों पर एफआईआर: प्रशासन केवल आवेदनों को निरस्त न करें, बल्कि ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करे जिन्होंने फर्जी या नियम विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।
"लोकतंत्र से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
उपखंड कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीसीसी सचिव योगेंद्र सिंह परमार के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा, "मतदाता सूची से छेड़छाड़ करना एक आपराधिक कृत्य है। हम लोकतंत्र के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेंगे।"
उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि संदिग्ध आवेदनों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी कुंभलगढ़ में एक उग्र और व्यापक जन-आंदोलन छेड़ देगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन में कुंभलगढ़ के समस्त मंडलों के अध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे प्रशासन पर दबाव स्पष्ट दिखाई दिया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
