उद्यमी पंकज बड़ाला और पूर्व प्राचार्य कालू राम कुम्हार के सहयोग से राजकीय विद्यालय में टेबल-स्टूल और अलमारी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पड़ासली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भामाशाह पंकज बड़ाला और पूर्व प्राचार्य कालू राम कुम्हार का सम्मान करता विद्यालय स्टाफ।
भामाशाहों द्वारा संसाधनों का विस्तार
केलवा क्षेत्र के समीपवर्ती ग्राम पड़ासली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पड़ासली में स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से शैक्षणिक संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विद्यालय को स्थानीय उद्यमी पंकज बड़ाला द्वारा अपने पिता स्वर्गीय सुखलाल बड़ाला की पावन स्मृति में 35 हजार रुपये की लागत से 25 टेबल-स्टूल भेंट किए गए।
- विद्यालय के पूर्व प्राचार्य श्री कालू राम कुम्हार ने भी 9 हजार रुपये की लागत से टेबल-स्टूल एवं एक अलमारी विद्यालय को प्रदान की।
- कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।
प्रधानाचार्य का उद्बोधन और सराहना
इस अवसर पर प्रधानाचार्य विजयेंद्र प्रकाश पूर्बिया ने उद्यमी पंकज बड़ाला के इस सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि:
"ग्रामीण अंचल में संसाधनों की कमी के बीच इस प्रकार का सहयोग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। टेबल-स्टूल की व्यवस्था होने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा तथा कक्षाओं में अनुशासन और सुविधा दोनों में वृद्धि होगी।"
प्रधानाचार्य ने पूर्व प्राचार्य कालू राम कुम्हार के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि:
"स्थानांतरण के बाद भी उनका विद्यालय के प्रति लगाव और समर्पण प्रशंसनीय है। उनके द्वारा भेंट की गई अलमारी विद्यालय में अभिलेखों और शैक्षणिक सामग्री के सुव्यवस्थित रख-रखाव में सहायक बनेगी। इससे विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।"
स्मृति में सेवा और भविष्य का संकल्प
उद्यमी पंकज बड़ाला ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखलाल बड़ाला का सदैव शिक्षा के प्रति विशेष लगाव रहा। उनकी स्मृति में विद्यालय को सहयोग प्रदान करना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है। उन्होंने भविष्य में भी विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग करने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने और अपने गांव का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
सकारात्मक वातावरण और आभार
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से दोनों दानदाताओं का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। शिक्षकों ने कहा कि समाज के सहयोग से ही सरकारी विद्यालयों का सर्वांगीण विकास संभव है। इस प्रकार के सहयोग से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।
विद्यालय परिवार ने दोनों भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

