शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगरपालिका और पूजारियों ने एक निर्णायक और सराहनीय पहल करते हुए नगर के जलाशयों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए कड़ा कदम उठाया है। नगरपालिका सभागार में आयोजित बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि नगर के जलाशयों में पुष्प-माला एवं अन्य धार्मिक सामग्री डालने पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

बैठक के दौरान नगरपालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने स्पष्ट किया कि जलाशयों को प्रदूषित करना न केवल धार्मिक दृष्टि से पाप है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘निर्माल्य संग्रहण वाहन’ शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से धार्मिक अवशेषों का व्यवस्थित संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।

इस बैठक में उपस्थित पूजारियों और समाज के गणमान्य लोगों ने इस पहल का खुलकर समर्थन किया। डॉ. बी.एल. जाट और डॉ. तन्मय पालीवाल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जलाशयों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और पुष्प-माला पानी में न डालें। वहीं पालवाले श्री हनुमानजी मंदिर के पूजारी शांतिलाल पालीवाल ने इस निर्णय को आवश्यक बताते हुए इसके सख्ती से पालन पर जोर दिया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के जलाशयों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखना और नाथद्वारा को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है। नगरपालिका और पूजारियों का यह संयुक्त प्रयास शहरवासियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही अनिवार्य है।

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