नाथद्वारा में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढहा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
चारभुजा–भटेवर मेगा हाईवे पर उपली ओडन के पास पुलिया का स्लैब गिर गया, घटना के समय मजदूर काम कर रहे थे; ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

नाथद्वारा के उपली ओडन में चारभुजा–भटेवर मेगा हाईवे पर निर्माणाधीन पुल का वह हिस्सा जो निर्माण के दौरान अचानक नीचे गिर गया।
नाथद्वारा। राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित उपली ओडन क्षेत्र में बीती रात एक भीषण हादसा होते-होते टल गया, जब चारभुजा–भटेवर मेगा हाईवे पर निर्माणाधीन पुलिया का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। यह घटना शाम करीब 7:30 बजे की है, जिस समय पुल पर निर्माण कार्य प्रगति पर था। अचानक हुए इस भूस्खलन नुमा हादसे से समूचे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुल के ऊपर कार्य कर रहे मजदूरों ने तेज आवाज सुनते ही तत्परता दिखाते हुए भागकर अपनी जान बचाई, अन्यथा स्थिति अत्यंत भयावह हो सकती थी।
इस हादसे की गंभीरता इसलिए भी अधिक है क्योंकि इस निर्माणाधीन पुलिया के ठीक नीचे से उदयपुर–गोमती हाईवे गुजरता है, जो एक व्यस्त मार्ग है। घटना के समय यदि पुल के नीचे से कोई वाहन गुजर रहा होता, तो जनहानि का आंकड़ा कल्पना से परे हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शी लालसिंह ने घटना के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि अचानक इतनी जोरदार आवाज आई मानो भूकंप आ गया हो और देखते ही देखते निर्माण का पूरा हिस्सा नीचे आ गिरा। मौके पर मौजूद सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
हादसे के बाद निर्माण कार्य में लगी एजेंसी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। पूछताछ के दौरान ठेकेदार का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन पाया गया। ठेकेदार ने लापरवाही भरा तर्क देते हुए सारा दोष क्रेन ऑपरेटर पर मढ़ दिया और कहा कि ऑपरेटर की गलती से यह हिस्सा गिरा है। हद तो तब हो गई जब संभावित जनहानि के सवाल पर ठेकेदार ने बेहद निर्दयी जवाब देते हुए कहा, "मर जाता तो मर जाता, क्या करते।"
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाली इस घटना ने स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, संबंधित ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। यह घटना न केवल निर्माण की कमजोर कड़ी को उजागर करती है, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े हादसों के प्रति भी सचेत करती है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
