समाज में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से अखिल मेवाड़-मारवाड़ रजक समाज की महिलाओं द्वारा संचालित मातृशक्ति अंत्योदय फाउंडेशन संस्थान, राजस्थान ने शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत शिक्षण कीट वितरण अभियान का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत चित्तौड़गढ़ से की गई, जहां चयनित जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षण कीट वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया।

चित्तौड़गढ़ स्थित श्री रामदूत बालाजी मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्रदेशाध्यक्ष पार्वती बासनवाल ने की। कार्यक्रम में समाज के चिन्हित एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षण कीट वितरित किए गए। शिक्षण कीट में विद्यार्थियों की अध्ययन संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें पढ़ाई में सुविधा मिल सके और आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने।

प्रदेशाध्यक्ष पार्वती बासनवाल ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि बच्चों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के साथ संस्थान द्वारा शिक्षा सहयोग योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत मातृशक्ति बुक बैंक की भी स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शिक्षण सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संचालित यह अभियान आने वाले समय में अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचेगा और शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक योगदान देगा।

कार्यक्रम में संस्थान की प्रदेश सचिव टीना जाटल, प्रदेश कोषाध्यक्ष ममता बिलवाल, प्रदेश आयोजन मंत्री मीना गोवली, चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष अनीता वासनवाल, जिला उपाध्यक्ष मीना बामनावत, विशेष सदस्य निर्मला कुँवाल तथा चंद्रप्रभा गोवली सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया।

प्रदेशाध्यक्ष पार्वती बासनवाल ने जानकारी दी कि शिक्षण कीट वितरण अभियान केवल चित्तौड़गढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी दिनों में राजसमंद सहित मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के विभिन्न जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। चिन्हित जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान पदाधिकारियों ने समाज के सक्षम लोगों से इस पुनीत अभियान में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षा का उजाला प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचाया जा सकता है। शिक्षण कीट वितरण अभियान को समाजजनों ने सराहनीय पहल बताते हुए संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा की।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

Next Story