केलवा। राजसमंद जिले के केलवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक कन्या विद्यालय के प्रांगण में आज आध्यात्मिक ऊर्जा और विद्यार्थी चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के अधिनायक आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि प्रकाश कुमार एवं मुनि सिद्धप्रज्ञ के सानिध्य में 'जीवन विज्ञान' कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसने छात्राओं को शैक्षणिक सफलता के साथ-साथ आत्मिक शक्ति संचय के नए मार्ग दिखाए। कार्यक्रम का आगाज़ महिला मंडल की सदस्याओं द्वारा अनुव्रत गीत के सुमधुर गायन से हुआ, जिसने वातावरण को नैतिकता और संयम के सुरों से सराबोर कर दिया।

छात्राओं को संबोधित करते हुए मुनि प्रकाश कुमार ने संयम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनावश्यक दृश्यों के त्याग से नेत्र ज्योति और अनावश्यक वचनों के त्याग से वाणी की शक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होती है। उन्होंने जीवन की सुरक्षा के लिए 'मंत्र योग' को अनिवार्य बताते हुए स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति का इष्ट यानी संकल्प प्रबल होता है, उसकी सुरक्षा प्रकृति स्वतः सुनिश्चित करती है। छात्राओं को परीक्षा की चुनौती के लिए तैयार करते हुए उन्होंने विशेष रूप से 'स्वर विज्ञान' के रहस्यों को साझा किया और बताया कि कैसे श्वास-प्रश्वास के उचित ज्ञान से सफलता के द्वार खोले जा सकते हैं।





विश्व के 22 देशों में ध्यान और योग का संदेश पहुँचाने वाले मुनि सिद्धप्रज्ञ ने जीवन के प्रारंभिक दौर में ही लक्ष्य निर्धारण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बचपन से ही अपना ध्येय स्पष्ट रखते हैं, सफलता उनके कदम चूमती है। उन्होंने जीवन विज्ञान के प्रयोगों को सर्वांगीण विकास की कुंजी बताते हुए छात्राओं को लेखनी (Handwriting) को सुंदर बनाने और स्मरण शक्ति (Memory) को तीव्र करने के लिए सरल लेकिन प्रभावशाली योग प्रयोगों का अभ्यास करवाया। मुनि श्री के मार्गदर्शन में छात्राओं ने एकाग्रता बढ़ाने की विशिष्ट तकनीकों को आत्मसात किया।

तेरापंथ युवक परिषद, भिक्षु नगर केलवा द्वारा आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय की पूनम चौधरी ने स्वागत उद्बोधन के माध्यम से अतिथियों का सत्कार किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती रत्ना कोठारी का विशेष मार्गदर्शन रहा। इस अवसर पर सभा मंत्री ललित मेहता, तेयुप अध्यक्ष राजेश गांग, मंत्री निखिल कोठारी, विकास बोहरा, मुकेश कोठारी, भावेश मेहता और सुनील कोठारी जैसे गणमान्य जन उपस्थित रहे। अंत में डालचंद कुमावत ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस आयोजन को छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया। यह आयोजन केवल एक व्याख्यान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक और आध्यात्मिक पुनरुत्थान का एक जीवंत प्रयास सिद्ध हुआ।

Pratahkal Bureau

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