राजसमंद में सड़क सुरक्षा का महाकुंभ: ‘रन फॉर सेफ्टी’ मैराथन ने पेश की मानवता और जिम्मेदारी की मिसाल
राजसमंद में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत श्रीनाथजी–उदयपुर टोलवेज और राजस्थान पुलिस द्वारा ‘रन फॉर सेफ्टी’ मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता और प्रोजेक्ट हेड जयनंदन मिश्रा की उपस्थिति में सैकड़ों बच्चों और युवाओं ने सुरक्षित यातायात का संकल्प लिया। टोल प्रबंधन की इस सराहनीय पहल ने सामाजिक जिम्मेदारी और जीवन रक्षा का एक सशक्त संदेश दिया है।

राजसमंद। सड़कों पर दौड़ते वाहन केवल रफ़्तार का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि उनके साथ जुड़ा है अनमोल जीवन। इसी जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार, 21 जनवरी को राजसमंद की सड़कों पर उत्साह का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने सुरक्षित यातायात का एक सशक्त संदेश पूरे प्रदेश को दिया। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के पावन अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर सेफ्टी’ मैराथन केवल एक दौड़ मात्र नहीं रही, बल्कि यह श्रीनाथजी–उदयपुर टोलवेज प्रबंधन की संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों की एक उत्कृष्ट गौरवगाथा बन गई। राजस्थान पुलिस और श्रीनाथजी–उदयपुर टोलवेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम ने आमजन, युवाओं और नन्हे स्कूली बच्चों को एक सूत्र में पिरोकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का अभूतपूर्व कार्य किया।
आयोजन का भव्य शुभारंभ ऐतिहासिक राजसमंद झील स्थित नौ चौकी पाल से हुआ। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह मैराथन अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए महाराणा प्रताप उद्यान पर संपन्न हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन की जो तस्वीर दिखी, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि जब प्रबंधन और प्रशासन एक लक्ष्य के साथ काम करते हैं, तो व्यवस्थाएं स्वयं ही आदर्श बन जाती हैं। मैराथन के बीच ही आयोजित 100 मीटर और 500 मीटर की विशेष दौड़ प्रतियोगिताओं ने बच्चों और युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया। नन्हे कदमों की वह रफ़्तार इस बात की तस्दीक कर रही थी कि भविष्य की पीढ़ी अब यातायात नियमों के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बन रही है।
इस सफल आयोजन के पीछे श्रीनाथजी–उदयपुर टोलवेज के प्रोजेक्ट हेड जयनंदन मिश्रा की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने इस अवसर पर अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा महज कागजी नियमों का पालन नहीं है, बल्कि यह स्वयं के और दूसरों के जीवन की रक्षा का एक पवित्र माध्यम है। श्री मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि टोलवेज प्रबंधन का उद्देश्य मात्र सुगम सड़क संचालन तक सीमित नहीं है, अपितु समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को निभाते हुए हर नागरिक के भीतर सुरक्षित सफर की समझ विकसित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने टोल प्रबंधन के इस भगीरथ प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और निजी संस्थानों के बीच इस प्रकार का समन्वय समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखता है। कार्यक्रम का समापन एक भावुक और सशक्त संकल्प के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित हजारों लोगों ने एक स्वर में यातायात नियमों के पालन की शपथ ली। राजसमंद की धरती पर आयोजित यह मैराथन अब केवल एक घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा और समर्पण का वह जीवंत उदाहरण है, जो आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
