देवगढ़ (राजसमंद)। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सेवा और समर्पण की एक नई इबारत लिखते हुए देवगढ़ की धरा पर आयोजित 10 दिवसीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुर्वेद विभाग और क्षत्रिय मेवाड़ा कलाल समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशाल शिविर ने न केवल क्षेत्र के रोगियों को पीड़ा से मुक्ति दिलाई है, बल्कि आधुनिक युग में आयुर्वेद की प्रासंगिकता को भी पुरजोर तरीके से सिद्ध किया है। शिविर के नौवें दिन तक का सफर हजारों चेहरों पर मुस्कान लाने वाला रहा है, जहां जटिल रोगों से ग्रस्त लोग अब स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट रहे हैं।

शिविर की अभूतपूर्व सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक ओपीडी में 4600 से अधिक रोगियों का पंजीकरण कर उन्हें नि:शुल्क औषधि और परामर्श उपलब्ध कराया गया है। शिविर प्रभारी डॉ. संपत मेवाड़ा और सह प्रभारी डॉ. श्रवण शर्मा ने बताया कि शिविर में न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में लोग अपनी व्याधियों का समाधान खोजने पहुंच रहे हैं। व्यवस्थाओं की सुदृढ़ता और चिकित्सकों के सेवा भाव ने इस आयोजन को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।

विशेषज्ञ चिकित्सा के क्षेत्र में शल्य विशेषज्ञ डॉ. अजय दाधीच के नेतृत्व में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। अंतरंग चिकित्सा वार्ड में अब तक अर्श, भगंदर और फिशर जैसे 100 से अधिक जटिल रोगों की सफल शल्य क्रियाएं की जा चुकी हैं। वहीं, पंचकर्म प्रभारी डॉ. दिव्य प्रकाश स्वर्णकार की देखरेख में 500 से अधिक विभिन्न पंचकर्म थेरेपियां दी गई हैं, जिससे पुराने रोगों से जूझ रहे मरीजों को चमत्कारिक राहत मिली है। डॉ. श्रवण शर्मा के अनुसार, यहाँ कायचिकित्सा, स्त्री रोग, अग्निकर्म, न्यूरोथेरेपी और जलोका कर्म जैसे विशिष्ट विभागों के माध्यम से विशेषज्ञ सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही, नौनिहालों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से स्वर्ण प्राशन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले क्वाथ का भी वितरण किया गया।

इस महाभियान की धरातलीय स्थिति जानने पहुंचे आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. रमेश मीणा ने वार्डों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती रोगियों से रूबरू होकर फीडबैक लिया, जहां मरीजों ने भावुक होते हुए बताया कि जो राहत उन्हें बड़े अस्पतालों में नहीं मिली, वह यहाँ के नि:शुल्क क्षारसूत्र और पंचकर्म उपचार से मिली है। मरीजों ने न केवल सुविधाओं को सराहा, बल्कि नर्सिंग स्टाफ और समस्त कर्मचारियों के आत्मीय व्यवहार को भी इस स्वास्थ्य लाभ का एक बड़ा कारण बताया।

कल इस 10 दिवसीय सेवा यज्ञ का विधिवत समापन होगा, लेकिन देवगढ़ में स्वास्थ्य जागरूकता की जो अलख डॉ. संपत मेवाड़ा और उनकी टीम ने जगाई है, उसका प्रभाव लंबे समय तक महसूस किया जाएगा। यह शिविर न केवल एक चिकित्सा आयोजन रहा, बल्कि मानवता की सेवा का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।

Rahul Acharya, Rajsamand

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नाम: राहुल आचार्य

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें

परिचय 

राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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