डॉ. अंशुमन शर्मा ने शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व और शिक्षण पद्धति को आधुनिक बनाने के तरीकों से प्रशिक्षित किया।

राजसमन्द (प्रात:काल संवाददाता)। लक्ष्मीपत सिंघानिया स्कूल, जेके ग्राम में शिक्षकों को आधुनिक तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से सुसज्जित करने के उद्देश्य से एक अत्यंत प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के मुख्य विषय विशेषज्ञ प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं प्रशिक्षक डॉ. अंशुमन शर्मा रहे, जिनके मार्गदर्शन में विद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक एवं सक्रिय सहभागिता निभाई।

विद्यालय प्राचार्य संजय अभिषेक ने इस आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए विशेष रूप से एआई विषय का चयन किया, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ छात्र और शिक्षक दोनों उठा सकें। कार्यशाला के दौरान एआई के शैक्षिक उपयोग, शिक्षण पद्धति को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने में तकनीक की भूमिका तथा भविष्य की शिक्षा प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से न केवल परिचित कराया, बल्कि उनके उपयोग की बारीकियां भी समझाईं।

इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय प्रबंधन से अनिल मिश्रा ने इसे समसामयिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुकुल जैन ने आधुनिक तकनीक को वर्तमान समय की महती आवश्यकता करार दिया, वहीं पारस जैन ने कहा कि आज के विद्यार्थी एआई में विशेष रुचि रखते हैं, जिसे समझना शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों के सामूहिक फोटो के साथ यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।

Pratahkal HQ

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