मजदूर दिवस पर आमेट में योजनाओं की बहाली और पोर्टल अपडेट की मांग
आसन में आयोजित संगोष्ठी में श्रमिकों ने शुभ शक्ति योजना पुनः शुरू करने और शिक्षा एवं कौशल विकास आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की अपील की।

आमेट के आसन ग्राम में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान अपनी समस्याओं और बंद पड़ी सरकारी योजनाओं पर विचार व्यक्त करते पंजीकृत श्रमिक।
आमेट। समीपवर्ती ग्राम आसन में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में श्रमिकों ने अपनी समस्याओं और राजस्थान सरकार की नीतियों पर मुखर होकर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित मजदूरों ने चिंता जताई कि राजस्थान सरकार के भवन एवं अन्य सनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल द्वारा पूर्व में संचालित अनेक लाभकारी योजनाओं को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। विशेष रूप से 'शुभ शक्ति योजना' के आवेदन बंद होने पर श्रमिकों ने गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसी विशिष्ट जाति वर्ग के लिए नहीं बल्कि प्रत्येक समुदाय की पुत्रियों को सहायता प्रदान कर महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने वाली थी, जिसे पुनः शुरू किया जाना अनिवार्य है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मजदूर गोपी बाई ने तकनीकी बाधाओं और प्रशासनिक सुस्ती का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाया। उन्होंने बताया कि शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के आवेदन हेतु 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच करीब 40 दिनों तक श्रम कल्याण मंडल की वेबसाइट बंद रही। इसके चलते वर्ष 2016 से 2018 के बीच पंजीकृत हजारों श्रमिक अपने कार्डों में आवश्यक सुधार नहीं करवा सके। राजसमंद श्रम कार्यालय के माध्यम से श्रमिक पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड और जन आधार कार्ड जयपुर मुख्यालय भिजवाए जाने के बावजूद 30 अप्रैल 2026 तक उन्हें अपडेट नहीं किया गया। इस प्रशासनिक विलंब के कारण अपनी दिहाड़ी छोड़कर सुधार के लिए भटक रहे हजारों श्रमिक सहायता राशि से वंचित हो गए हैं। श्रमिकों ने मांग की है कि जब तक विद्यालय खुले हैं, तब तक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के आवेदन की समय सीमा बढ़ाई जाए।
इस दौरान कंचन देवी ने राज्य सरकार से बंद की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को पुनः चालू करने और महिलाओं के उत्थान हेतु नई नीतियां लागू करने का आह्वान किया। असंगठित मजदूर यूनियन मंत्री लक्ष्मण रेगर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा एवं कौशल विकास जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की वेबसाइट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर हिताधिकारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में राजस्थान असंगठित मजदूर एवं निर्माण संघ (इंटक) के राजसमंद जिला अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने उपस्थित सभी श्रमिकों को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस संगोष्ठी में असंगठित मजदूर यूनियन आमेट कुंभलगढ़ मंत्री लक्ष्मण रैगर, सुरेश रैगर, मांगी दास, कजोड़मल, भंवर लाल, सजना गुर्जर, गोपी बाई, शांता देवी, तुलसी राम, रतन लोहार, नारायण, गणेश सुथार सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। यह आयोजन मजदूरों के अधिकारों के प्रति सजगता और योजनाओं के क्रियान्वयन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की एक सामूहिक पुकार बनकर उभरा है।

