राजसमंद के कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में शुक्रवार दोपहर अचानक भड़की भीषण आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

अरावली पर्वतमाला स्थित मोडिया वनपाल नाका के पास हर्बीवोर एनरिचमेंट एनक्लोजर और रेस्क्यू सेंटर के आसपास लगी आग तेज हवाओं के कारण तेजी से फैलती चली गई। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई यह आग कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण करती नजर आई। सूखी घास, झाड़ियां और वन क्षेत्र धू-धू कर जलने लगे, जबकि आग की ऊंची लपटें और धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया। सादड़ी और बाली से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। वनकर्मी, दमकल दल और स्थानीय ग्रामीण पानी के टैंकरों के साथ आग बुझाने में जुट गए। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और कुछ समय के लिए हालात नियंत्रण से बाहर होते नजर आए।

आग की चपेट में आने से जंगल में रहने वाले वन्यजीवों में भगदड़ मच गई। जंगली सूअर सहित कई जानवर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। राहत की बात यह रही कि आग रेस्क्यू सेंटर तक नहीं पहुंची, जिससे वहां मौजूद वन्यजीव सुरक्षित रहे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग से बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र, घास और झाड़ियां जलकर नष्ट हो गई हैं, जिससे वनसम्पदा को भारी नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग की टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है। यह घटना न केवल पर्यावरणीय क्षति का संकेत है, बल्कि वन्यजीव सुरक्षा और वन प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती के रूप में सामने आई है।

Pratahkal Bureau

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