उपखंड क्षेत्र के कोठेश्वर महादेव मंदिर, टीकड़ परिसर स्थित प्रजापत समाज की कुलदेवी श्री श्रीयादेवी मंदिर की 24वीं वर्षगांठ बुधवार को धार्मिक आस्था, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच धूमधाम से मनाई गई। प्रजापत महासभा मंदारिया वोराट मेवाड़ के समस्त चौकलों तथा श्री श्रीयादेवी मंदिर कोठेश्वर महादेव टीकड़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

महोत्सव की शुरुआत मंगलवार रात्रि को आयोजित भव्य जागरण एवं भजन संध्या से हुई। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया तथा मां श्रीयादेवी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से आलोकित नजर आया।

बुधवार प्रातः वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। इसके पश्चात प्रातः 10:30 बजे कुआंथल निवासी कैलाशचंद्र, जगदीशचंद्र, पूरणमल, पवन एवं छोटूलाल प्रजापति सहित समिति पदाधिकारियों ने मंदिर शिखर पर विधिवत ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के बाद भक्त शिरोमणि मां श्रीयादेवी की महाआरती आयोजित की गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।

महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सामाजिक बैठक में मंदिर की वर्षभर की आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। साथ ही समाज में शिक्षा के प्रसार, संगठन की मजबूती और सामाजिक सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान भक्त शिरोमणि श्रीयादे प्रजापत के जीवन एवं उनके धार्मिक योगदान पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि सतयुग में मां श्रीयादेवी एवं सिद्धेश्वर के रूप में स्वयं माता पार्वती और भगवान शिव ने अवतार लेकर भक्ति तथा राम नाम की महिमा का प्रचार किया था, जिससे अधर्म का नाश हुआ।

कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष शंकरलाल प्रजापत, रोशनलाल प्रजापत, सुरेश कुमार प्रजापत, भगवानलाल, वर्दीचंद, लछूराम, प्रभुलाल प्रजापत, जयराम प्रजापत, भंवरलाल प्रजापत, गोवर्धनलाल और दिनेशचंद्र सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रजापत समाज के महिला-पुरुष उपस्थित रहे। श्रद्धा, सामाजिक एकता और धार्मिक परंपराओं के संगम बने इस महोत्सव का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसने समाज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकजुटता को और अधिक सुदृढ़ किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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