आमेट, ग्राम पंचायत घोसुंडी के गांव किशनपुरिया में सांगट की गवरी का भव्य आयोजन हुआ। इसमें 50 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्य यंत्रों के साथ कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

गवरी के दौरान हटिया-हटनी, राजा-रानी, बानिया, बंजारा, भोलीया और भूत सहित विभिन्न पारंपरिक पात्रों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अभिनय और नृत्य के माध्यम से गवरी की पारंपरिक कथाओं और लोक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

किशनपुरिया सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण गवरी देखने पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की थाप और कलाकारों की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

ग्रामीणों ने कहा कि गवरी मेवाड़ की प्राचीन लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।

किशनपुरिया में आयोजित सांगट की गवरी ने मेवाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति की शानदार झलक पेश की और पारंपरिक लोक कला से ग्रामीणों का जुड़ाव कायम रखा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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