कपासन क्षेत्र के गांव खात्याखेड़ी में हजरत सैयद गुलाब शाह मस्तान (र.अ.) उर्फ 'काले बाबा साहब' का 30वां तीन दिवसीय वार्षिक उर्स चादर शरीफ पेश करने के साथ शुरू हो गया। उर्स का शुभारंभ धार्मिक परंपराओं के अनुसार चादर पेश करने के बाद किया गया।

उर्स की जानकारी देते हुए काले बाबा साहब के गादीनशीं एडवोकेट सैयद अशफाक अली एवं सैयद एजाज अली ने बताया कि हजरत दीवाना शाह साहब (र.अ.) की दरगाह शरीफ से हुसैनी ढोल-ताशों के साथ चादर शरीफ का जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस खात्याखेड़ी स्थित दरगाह काले बाबा साहब के आस्ताने पर पहुंचा, जहां चादर शरीफ पेश कर 30वें तीन दिवसीय वार्षिक उर्स की शुरुआत की गई।

उन्होंने बताया कि बाद नमाज ईशा महफिले मिलाद का आयोजन किया गया तथा गुस्ल की रस्म भी अदा की गई। उर्स के धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित क्रम के अनुसार आयोजित किए जा रहे हैं।

28 जुलाई, मंगलवार को बाद नमाज ईशा महफिले मिलाद के बाद महफिले समां (कव्वाली) का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मुंबई के मशहूर कव्वाल अजीम नाजा, कपासन के सलीम साबरी, शब्बीर शदाकत साबरी और इम्तियाज साबरी अपने सूफियाना कलाम पेश करेंगे।

चादर शरीफ के जुलूस में कपासन दरगाह वक्फ कमेटी के सचिव हाजी शराफत हुसैन भाटी, नायब सदर मंसूर ओटवाल, महबूब शाह उर्फ अकिल शाह, हाजी साबिर हुसैन पुवार, हाजी मुबारक शेख, अकरम मंसूरी, अब्दुल रशीद तुरकिया, सैयद असलम अली, गुड्डू खान, गनी शेख, रईस नियारगर, मोहम्मद कलीम, खालिद शेख तथा इनायत अली सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजनों के साथ शुरू हुआ यह तीन दिवसीय उर्स क्षेत्र में आस्था और सूफी परंपरा का प्रमुख आयोजन माना जा रहा है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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