खमनोर (राजसमंद)। राजसमंद जिले के खमनोर (गुर्जरगढ़) स्थित प्रसिद्ध ओरावाली बावजी, नेगाजी मंदिर परिसर में मंदिर विकास समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष जमनालाल माली एवं झोपानी के पावन सानिध्य में संपन्न हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मंदिर के कायाकल्प, श्रद्धालुओं की विश्वस्तरीय सुविधाओं और आगामी दूरगामी विकास योजनाओं को लेकर कई बड़े और निर्णायक फैसले लिए गए। आस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं के इसी अनूठे तालमेल के बीच, ग्रामीणों की दशकों पुरानी राह अब आसान होने जा रही है जिससे पूरे क्षेत्र में भारी हर्ष की लहर है।

सनातन परंपरा के अनुसार ओरावाली बावजी से मंदिर विकास कार्यों की 'स्वीकृति पाती' (अनुमति) मांगने के साथ बैठक का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके तुरंत बाद मुख्य एजेंडे पर चर्चा करते हुए मंदिर के समीप स्थित जल स्थान को विकसित करने और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर गहन मंथन किया गया। समिति ने इस जल स्थान को अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त रूप में विकसित करने की एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का कड़ा और अटूट संकल्प लिया गया है।

इस महामंथन का सबसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण तब आया जब वर्षों पुरानी उस आबादी का जिक्र हुआ जो मंदिर तक पहुंचने के मार्ग से जुड़ी है। मंदिर मार्ग में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समिति द्वारा एक नया रास्ता निकालने की प्रार्थना जब बावजी के समक्ष रखी गई, तो आस्था का ऐसा साक्षात प्रताप दिखा कि बावजी ने भी इसके लिए अपनी दिव्य 'पाती' प्रदान कर दी। इस दिव्य अनुमति से मंदिर के लिए एक और नया मार्ग विकसित होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इसके अतिरिक्त, मंदिर मार्ग पर टीन शेड लगाने तथा छत को पूरी तरह से ढकने की भी पावन स्वीकृति मिल गई है, जिससे सीधे मंदिर से जुड़ने वाले इस नए मार्ग के कारण स्थानीय मोहल्लेवासियों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों में भारी प्रसन्नता है।

बैठक में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक, व्यावहारिक और प्रशासनिक पहलुओं पर भी कड़ाई से ध्यान केंद्रित किया गया। वर्तमान में सरकारी योजना के सहयोग से मंदिर के समीप एक आधुनिक शौचालय एवं स्नानघर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। समिति ने इस पर बड़ा निर्णय लेते हुए तय किया कि इस निर्माण कार्य में लगे प्रत्येक श्रमिक को इसका उपयोग करने की पूरी सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही, परिसर की स्वच्छता और पवित्रता को सर्वोपरि रखते हुए यह कड़ा नियम लागू किया गया है कि मंदिर परिसर में जो भी परिवार भोजन व्यवस्था का आयोजन करेगा, आयोजन के ठीक पश्चात पूरे परिसर की साफ-सफाई की पूर्ण जिम्मेदारी उसी आयोजक परिवार की अनिवार्य रूप से होगी।

सुरक्षा और शुद्धता के मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रसोई घर की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर विमर्श किया गया। रसोई घर में खाद्य सामग्री बनाने के दौरान वहां कुत्तों व अन्य आवारा जानवरों के प्रवेश को पूर्णतः रोकने तथा सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए उस नियत स्थल पर मजबूत जाली लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस पूरी ऐतिहासिक बैठक के साक्षी बनते हुए अंत में महली, रूपलाल, मगर भाई और देवीलाल सहित कई गणमान्य सदस्यों एवं ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर कर इन सभी युगान्तकारी निर्णयों पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाई।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story