खमनोर में बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय की मांग, मंत्री को सौंपा ज्ञापन
राजसमंद के खमनोर में विशेषज्ञ सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों ने पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत को ज्ञापन भेजकर अस्पताल क्रमोन्नत करने की मांग की।

खमनोर (हल्दीघाटी) में बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय की स्वीकृति और डॉ. कुलदीप कौशिक की नियुक्ति की मांग को लेकर पशुपालकों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन।
राजसमंद जिले के पंचायत समिति एवं ब्लॉक मुख्यालय खमनोर (हल्दीघाटी) में बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय स्वीकृत करवाने की मांग को लेकर पशुपालकों और क्षेत्रवासियों ने राजस्थान के पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत को ज्ञापन भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पशुपालकों ने कहा कि क्षेत्र में लगभग 29 ग्राम पंचायतें और करीब एक लाख पशु होने के बावजूद वर्तमान चिकित्सा सुविधाएं बेहद सीमित हैं, जिससे गंभीर रूप से बीमार पशुओं के उपचार में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि खमनोर (हल्दीघाटी) मुख्यालय पर वर्तमान में केवल प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय स्वीकृत है, जहां मात्र एक वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी का पद स्वीकृत है। पशुओं के लिए गंभीर शल्य चिकित्सा, एक्स-रे, सोनोग्राफी, रक्त जांच सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में गंभीर रूप से बीमार पशुओं को उपचार के लिए उदयपुर ले जाना पड़ता है, जिससे गरीब पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। कई बार उपचार में देरी के कारण पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पशुपालकों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मेवाड़ क्षेत्र में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के बड़ी संख्या में पशुपालक निवास करते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे गंभीर रूप से बीमार पशुओं को उदयपुर तक ले जाकर उपचार करवा सकें। क्षेत्र में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने डेयरी व्यवसाय को अपनाया है और महंगे एवं उच्च नस्ल के पशुओं का पालन-पोषण किया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के अभाव में कई बार कीमती पशुओं की जान चली जाती है, जिससे पशुपालकों में निराशा बढ़ रही है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मेवाड़ क्षेत्र में अश्वपालकों द्वारा काठियावाड़ी नस्ल के अश्वों का संरक्षण किया जा रहा है। अश्वों की चिकित्सा के लिए भी विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक जांच सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिसके कारण अश्वपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खमनोर ब्लॉक वेटनरी चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप कौशिक की 36 वर्षों तक दी गई निरंतर सेवाओं का भी पशुपालकों ने विशेष उल्लेख किया। पशुपालकों और किसानों ने बताया कि डॉ. कौशिक ने हजारों-लाखों गौमाताओं सहित पशुओं को विश्वसनीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। ज्ञापन में मांग की गई कि डॉ. कुलदीप कौशिक के उपनिदेशक पद पर पदोन्नत होने के बाद खमनोर चिकित्सालय में पुनः उपनिदेशक पद पर पदस्थापन किया जाए, ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को विशेषज्ञ सेवाएं मिलती रहें।
पशुपालकों और क्षेत्रवासियों ने पशुपालन मंत्री से खमनोर (हल्दीघाटी) मुख्यालय पर बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय की स्वीकृति प्रदान करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मेवाड़ क्षेत्र के पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी। ज्ञापन में नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक आदरणीय महाराज कुमार विश्वराज सिंह मेवाड़ का भी उल्लेख किया गया है।

Pratahkal Bureau
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