केलवा में भीषण सड़क हादसा, मार्बल से भरे जुगाड़ ट्रैक्टर को आइशर ने मारी टक्कर, मजदूर की मौत
केलवा पुलिस थाने से 500 मीटर दूर हुए हादसे के बाद एंबुलेंस न पहुंचने पर घायलों को टेंपो से अस्पताल ले जाना पड़ा, यातायात आधे घंटे बाधित रहा।

राजस्थान के केलवा में आइशर वाहन और मार्बल भरे जुगाड़ ट्रैक्टर की टक्कर के बाद सड़क पर फैले मार्बल के टुकड़े तथा एकत्र हुई लोगों की भीड़।
केलवा कस्बे में मार्बल से भरे जुगाड़ ट्रैक्टर को पीछे से आए तेज रफ्तार आइशर वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में मार्बल मजदूर की मौत हो गई, जबकि जुगाड़ ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना पुलिस थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। इसके बाद घायलों को टेंपो से अस्पताल ले जाना पड़ा।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार, जुगाड़ ट्रैक्टर में मार्बल भरा हुआ था। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए आइशर वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दुर्घटना में मार्बल मजदूर की जान चली गई, जबकि जुगाड़ ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस का इंतजार किया गया, लेकिन एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में घायलों को टेंपो में बैठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता में हुई देरी ने क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की त्वरित पहुंच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केलवा क्षेत्र में जुगाड़ ट्रैक्टरों के संचालन को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इन वाहनों से मार्बल सहित भारी सामान का परिवहन किया जाता है। ऐसे में इन वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जुगाड़ ट्रैक्टरों के संचालन को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से पर्याप्त सख्ती नजर नहीं आती। पुलिस थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर हुए इस हादसे के बाद लोगों ने यातायात व्यवस्था और ऐसे वाहनों की निगरानी पर सवाल उठाए हैं।
दुर्घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने जुगाड़ ट्रैक्टरों के संचालन की जांच करने, यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित कराने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है। हादसे में एक मजदूर की मौत और चालक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने केलवा में भारी सामान ढोने वाले वाहनों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था की निगरानी का मुद्दा फिर सामने ला दिया है।

Bharat Kumar Rajak, Rajsamand
नाम: भरत कुमार रजक
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: केलवा (राजसमंद, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): शिक्षा, सोशल एक्टिविटी (सामाजिक गतिविधियां) और एजुकेशन
अनुभव: 12 वर्ष
परिचय
भरत कुमार रजक 'प्रातः काल' समाचार पत्र में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र केलवा है। वह नियमित रूप से शिक्षा (एजुकेशन), शैक्षणिक व्यवस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक गतिविधियों (सोशल एक्टिविटी) से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
भरत कुमार रजक को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 12 वर्षों का लंबा अनुभव है। पिछले एक दशक से अधिक समय से वह क्षेत्र की खबरों और जनहित के मुद्दों को लगातार कवर कर रहे हैं।
