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केलवा के जोलाई में खूंखार पैंथर पिंजरे में कैद, ग्रामीणों को मिली राहत
By Mubarik Ajnabi, RajsamandPublished on
राजसमंद के जोलाई इलाके में आतंक का पर्याय बना पैंथर वन विभाग की रणनीति से पकड़ा गया, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।

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राजसमंद जिले के केलवा क्षेत्र के जोलाई इलाके में पिछले कई दिनों से पैंथर की लगातार मूवमेंट देखी जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। पालतू पशुओं पर हमले और रिहायशी क्षेत्र के आसपास पैंथर की आवाजाही की सूचनाओं के बाद वन विभाग ने एहतियात के तौर पर इलाके में पिंजरा लगाया था। आखिरकार विभाग की रणनीति सफल रही और पैंथर पिंजरे में कैद हो गया।
दहशत के साये में जोलाई और वन विभाग की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जोलाई और आसपास के क्षेत्रों में देर रात पैंथर देखे जाने की खबरें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थान पर पिंजरा लगाया और निगरानी शुरू की। बुधवार सुबह पैंथर के पिंजरे में कैद होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।ग्रामीणों में खुशी की लहर और विभाग की सराहना
पैंथर पकड़े जाने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर थे। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि "समय रहते कार्रवाई होने से संभावित खतरा टल गया।"सुरक्षित रेस्क्यू और आगामी प्रक्रिया
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैंथर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया है। फिलहाल उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। चिकित्सकीय जांच के बाद उसे उपयुक्त और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। रेस्क्यू टीम में वन विभाग के अधिकारियों में सत्यानंद गयासिया, पन्नालाल कुमावत, किशन, अटल सिंह, विक्रम सिंह के साथ केलवा स्नेक कैप्चर सुनील सांखला भी मौजूद रहे।
Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
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