पूर्णिमा पर केलवा श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ में भक्ति के साथ 500 पौधों का महाअभियान, 36 फीट भैरव प्रतिमा के समक्ष होगी भव्य आरती
केलवा के श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ में 29 जुलाई को पूर्णिमा पर 500 पौधों का वृक्षारोपण, भव्य पार्श्व-भैरव भक्ति, महाआरती और धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं का आकर्षण बनेंगे।

तस्वीर में केलवा स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ परिसर में 36 फीट ऊंची श्री नाकोड़ा भैरव देव की विशाल प्रतिमा और मंदिर भवन नजर आ रहा है।
केलवा स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ, पड़ासली में बुधवार 29 जुलाई को पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्म, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। नाकोड़ा धाम सेवा संस्थान के तत्वावधान में तीर्थ परिसर में 500 पौधों के वृक्षारोपण महाअभियान के साथ भव्य पार्श्व-भैरव भक्ति, महाआरती एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर तीर्थ परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
नाकोड़ा धाम सेवा संस्थान के मनोज जैन ने बताया कि पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी प्रेरित किया जाएगा। इसी उद्देश्य से तीर्थ परिसर में 500 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक श्रद्धालु अपने परिवार के साथ इस अभियान में भाग लेकर एक पौधा लगाएगा तथा उसके संरक्षण का भी संकल्प लेगा। इससे हरित वातावरण के निर्माण के साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचेगा।
उन्होंने बताया कि सायंकाल 7 बजे से विश्व की सबसे विशाल 36 फीट ऊंची श्री नाकोड़ा भैरव देव की प्रतिमा के समक्ष भव्य पार्श्व-भैरव भक्ति, महाआरती एवं विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुंबई से पधार रहे प्रसिद्ध भक्ति गायक धैर्य राठौड़ अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगे। भक्ति संध्या के दौरान तीर्थ परिसर में आध्यात्मिक वातावरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मनोज जैन ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं के लिए नवकारसी, दोनों समय भोजन, तीर्थ प्रसाद (भाता) तथा श्री नाकोड़ा भैरव देव को अर्पित करने के लिए सुकड़ी एवं नारियल गोला की समुचित व्यवस्था की गई है। तीर्थ परिसर में सेवा कार्यों के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
संस्थान ने क्षेत्र सहित आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में शामिल होने की अपील की है। मनोज जैन ने कहा कि पूर्णिमा का यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी संदेश देगा। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
धर्म, सेवा और हरियाली को समर्पित इस आयोजन के माध्यम से नाकोड़ा धाम एक बार फिर समाज को सकारात्मक संदेश देने की पहल कर रहा है। श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर भक्ति, सेवा और वृक्षारोपण महाअभियान का पुण्य लाभ प्राप्त करने तथा इस जनजागरण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की गई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
