कपासन में प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. की भूमिगत मजार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। दर्शन के लिए बुलन्द दरवाजा तक लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान धूणा के तरीकबंद फुकरा हजरात को विदाई दी गई।

दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली के अनुसार भूमिगत मजार के दर्शन के लिए बुलन्द दरवाजा तक कतारें लगीं। आस्ताना ए आलिया में बाबे नेअमत से प्रवेश दिया गया और दर्शन के बाद बाबे सलाम से बाहर निकलने की व्यवस्था की गई। सभी जायरीन के दर्शन पूर्ण होने के बाद पट बंद कर दिए गए। आम जायरीन के दर्शन हेतु अब एक साल बाद पट खोले जाएंगे।

दरगाह वक्फ कमेटी के सचिव हाजी शराफत हुसैन भाटी के अनुसार जुमा होने की वजह से दरगाह औलिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए बड़ी तादाद में अकीदतमंद औलिया मस्जिद पहुंचे। नमाजियों की संख्या अधिक होने से पूरा परिसर भर गया।

जुमे की नमाज के बाद मुल्क में अमन, चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई। भीड़ को देखते हुए दरगाह वक्फ कमेटी की ओर से नमाजियों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए गए। भूमिगत मजार के दर्शन और जुमे की नमाज को लेकर दरगाह परिसर में दिनभर अकीदतमंदों की आवाजाही बनी रही।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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