हजरत दीवाना शाह दरगाह: इस्लामी नव वर्ष के चाँद के दीदार के साथ उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
इस्लामी नए साल के आगाज पर कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह की दरगाह पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब। चाँद के दीदार और रूहानी महफिल के बीच अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-सुकून की दुआ की। जानिए क्या है 85वें उर्स की तैयारी और दरगाह की विशेष रस्में।

कपासन में स्थित हज़रत दीवाना शाह साहब की दरगाह शरीफ पर इस्लामी नए साल की चाँद रात के अवसर पर एकत्र हुए जायरीन और श्रद्धालु।
प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब रहमतुल्लाह अलैह की पावन दरगाह पर मंगलवार की शाम इस्लामी नए साल 1448 हिजरी के चाँद के दीदार के साथ अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नए साल के स्वागत और हजरत दीवाना शाह की बारगाह में हाजिरी लगाने के लिए देश भर से आए जायरीनों की भीड़ से समूचा दरगाह परिसर और आसपास का क्षेत्र आध्यत्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। शाम ढलते ही जैसे ही चाँद के दीदार हुए, दरगाह परिसर 'अमीन-आमीन' की सदाओं और एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए लोगों की आवाजों से गूंज उठा।
दरगाह ऑफिस के सचिव शफी मोहम्मद छीपा के अनुसार, इस अवसर पर कपासन रेलवे स्टेशन से लेकर हाईवे तक वाहनों का भारी जमावड़ा रहा। महफिले-मिलाद का आयोजन किया गया, जिसमें कव्वालों ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम पेश कर समां बांध दिया। दरगाह के 'अहाता-ए-नूर' में दिन भर अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। जायरीनों ने अपनी मन्नतें पूरी होने पर प्रियजनों को गुड़, खोपरे और फलों से तौलकर शुक्राना अदा किया, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मन्नत के धागे बाँधकर मुरादें माँगीं। चिराग बत्ती की रस्म के दौरान जायरीनों ने बीमारियों से शिफायाबी और देश में अमन-चैन की दुआएं मांगीं।
मेला ग्राउंड में इस अवसर पर 300 से अधिक अस्थायी दुकानें सजाई गई थीं, जहाँ खरीददारों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन और दरगाह प्रबंधन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के व्यापक प्रबंध किए गए थे। दरगाह समिति ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि हजरत दीवाना शाह के 85वें सालाना उर्स का अलम शरीफ आगामी 25 मोहर्रम, यानी 11 जुलाई शनिवार को नमाज़े-असर के बाद पूरी अकीदत और रस्मों के साथ चढ़ाया जाएगा। चाँद की पहली रात के इस भव्य आयोजन ने आने वाले उर्स के लिए एक उत्साहजनक माहौल तैयार कर दिया है, जो सूफी परंपरा और कौमी एकता का एक अनूठा संगम है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
