हजरत दीवाना शाह साहब के 85वें उर्स में अकीदत का सैलाब, संदल की रस्म अदा, आज कुल की फातिहा के साथ होगा समापन
कपासन में हजरत दीवाना शाह साहब के 85वें उर्स में संदल की रस्म अदा हुई। गुरुवार को कुल की फातिहा के साथ उर्स संपन्न होगा, लाखों जायरीन की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह साहब की दरगाह में 85वें उर्स के दौरान चादर पेश करते विधायक अर्जुनलाल जीनगर और अन्य।
कपासन में प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. के 85वें तीन दिवसीय उर्स के दौरान संदल पेश करने की रस्म अदा की गई। उर्स का समापन गुरुवार को कुल की फातिहा के साथ होगा। उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं और दरगाह परिसर में अकीदत का माहौल बना हुआ है।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री हाजी शराफत हुसैन भाटी ने बताया कि मंगलवार को नमाज-ए-ईशा के बाद महफिले मिलाद का आयोजन हुआ, जिसके बाद महफिले समा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें दूर-दूर से आए कव्वाल पार्टियों ने अपने-अपने कलाम पेश किए, जिन पर मौजूद अकीदतमंदों ने दाद दी और आशिके दीवाना ने दिल खोलकर इनाम पेश किए।
दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली ने बताया कि बाबा हुजूर के उर्स में देश के कोने-कोने से जायरीन की आवक लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को नमाज-ए-फजर के बाद देग का खाना तकसीम किया जाएगा। इसके बाद सुबह 8:00 बजे कुल की महफिल शुरू होगी और जोहर की अजान से पहले कुल की फातिहा के साथ 85वें उर्स का समापन होगा।
मंगलवार रात कपासन के विधायक अर्जुनलाल जीनगर भी हजरत दीवाना शाह साहब के 85वें उर्स के मुबारक मौके पर दरगाह शरीफ में हाजिरी देने पहुंचे। विधायक ने दरगाह में चादर और अकीदत के फूल पेश कर देश और क्षेत्र में अमन-सुकून, भाईचारे तथा खुशहाली की दुआ मांगी। शाही महफिल खाने में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक महान सूफी संत की पावन दरगाह है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के लोग पूरी अकीदत के साथ आते हैं। उन्होंने कहा कि सूफी संतों की वाणी में वह तासीर है, जो समाज को जोड़ने का काम करती है।
दरगाह के बुलंद दरवाजे पर पहुंचने पर विधायक अर्जुनलाल जीनगर का दरगाह वक्फ कमेटी के सदस्यों ने स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ कपासन भाजपा युवा मोर्चा नगर मंडल अध्यक्ष विकास बारेगामा भी उपस्थित रहे।
उर्स में आने वाले लाखों जायरीन की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए दरगाह वक्फ कमेटी तथा स्थानीय प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। पीने के पानी, रोशनी, चिकित्सा सुविधा और कानून-व्यवस्था को लेकर माकूल इंतजाम किए गए हैं, ताकि उर्स का आयोजन भव्य और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
