आमेट: महाशिविर में 185 लोगों की आंखों की जांच, 22 को मिला रोशनी का नया आधार
आमेट के काछबली मेडियां गांव में आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में 185 मरीजों की जांच हुई। मोतियाबिंद से पीड़ित 22 मरीजों को नई रोशनी के लिए उदयपुर भेजा गया। सेवा और समर्पण की इस अनूठी पहल ने कैसे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में नई आशा जगाई? विस्तार से पढ़ें।

काछबली में महावीर इंटरनेशनल एवं अलख नयन मंदिर द्वारा आयोजित शिविर में नेत्र विशेषज्ञों एवं संस्था पदाधिकारियों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की।
महावीर इंटरनेशनल आमेट एवं अलख नयन मंदिर उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में काछबली मेडियां गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में एक भव्य निःशुल्क नेत्र जांच एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वर्गीय बस्तीमल भरसारिया की 25वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें अरविंद कुमार, धर्मचंद, विमल कुमार एवं जीनेश कुमार भरसारिया का विशेष आर्थिक सहयोग रहा। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था, जो नेत्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
शिविर में अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ रतन सिंह के साथ स्टाफ सदस्य प्रेमलता मेघवाल एवं प्रेरणा माली ने तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दीं। दिनभर चले इस शिविर में कुल 185 मरीजों की आंखों की गहन जांच की गई, जिसमें से 22 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इन चिन्हित मरीजों को ऑपरेशन हेतु अलख नयन मंदिर, उदयपुर भेजा गया है, जहां अत्याधुनिक 'बिना टांके के ऑपरेशन' तकनीक से उनकी आंखों में लेंस प्रत्यारोपित किए जाएंगे। नेत्र जांच के अतिरिक्त, शिविर के दौरान आयुर्वेदिक चिकित्सा का भी लाभ उठाया गया, जिसमें 135 मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के परामर्श हेतु पंजीकरण कराया।
कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष अभय कुमार गेलड़ा, अरविंद भरसारिया, ललित ढिलिवाल, बाबूलाल लोढ़ा, भीकम खाब्या एवं मनीष ढिलिवाल ने सामूहिक रूप से कहा कि सेवा, समर्पण और जनसेवा ही संस्था का मूल मंत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए संस्था निरंतर प्रतिबद्ध है। इस पुनीत कार्य में सरपंच आशा देवी, भगवान सिंह, रणजीत सिंह, गिरधारी सिंह, लाखन सिंह, दिलीप सिंह, नरेंद्र सिंह, चुन्नीलाल, श्याम सुंदर सालवी, पारस सेन, भंवर सिंह, कान सिंह, अध्यापक हरि सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों का सक्रिय योगदान रहा। शिविर के अंत में मीडिया प्रभारी पवन कच्छारा ने बताया कि जनहितकारी पहल के रूप में आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र में स्वास्थ्य चेतना का एक नया संचार किया है, जिसकी सराहना स्थानीय नागरिकों ने मुक्त कंठ से की।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
