राजसमंद। शांत माने जाने वाले राजसमंद शहर की राजनीति शुक्रवार शाम उस समय उथल-पुथल में बदल गई, जब नगर परिषद सभापति और आयुक्त पर सार्वजनिक स्थल पर स्याही फेंकने की सनसनीखेज घटना सामने आई। बालकृष्ण स्टेडियम में चल रहे निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान हुए इस घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं को झकझोर दिया, बल्कि शहर का राजनीतिक और सामाजिक माहौल भी तनावपूर्ण हो गया।

जानकारी के अनुसार नगर परिषद सभापति अशोक टांक और आयुक्त ब्रजेश रॉय बालकृष्ण स्टेडियम में निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौच करते हुए दोनों अधिकारियों पर स्याही फेंक दी। घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि कुछ ही पलों में वहां अफरा-तफरी मच गई। नगर परिषद के कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और स्थिति बेकाबू होती नजर आई।

घटना के समय मौके पर मौजूद भाजपा आईटी सेल संयोजक और सांसद प्रवक्ता भरत दवे को कर्मचारियों ने पकड़ लिया। आरोप है कि स्याही फेंकने की वारदात में चार से पांच अन्य लोग भी शामिल थे, जो मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए भरत दवे को डिटेन कर लिया। हालांकि, आयुक्त के साथ हुई अभद्रता से गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने भरत दवे के साथ मारपीट कर दी, जिससे उनके कपड़े तक फट गए। इस दौरान दवे महाराणा राजसिंह के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध जताते नजर आए।

घटना के विरोध में नगर परिषद कर्मचारियों ने तत्काल कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया। कर्मचारियों ने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। आयुक्त ब्रजेश रॉय ने कांकरोली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए इसे राजकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और सुनियोजित हमला बताया। उन्होंने कहा कि हमलावर पूर्व नियोजित योजना के तहत स्याही की डिब्बियां साथ लेकर आए थे और कथित रूप से नशे की हालत में थे। आयुक्त के अनुसार विवाद का कारण हाल ही में महाराणा राजसिंह मार्ग के नामकरण को लेकर उत्पन्न हुआ असंतोष बताया जा रहा है।

दूसरी ओर, सभापति अशोक टांक ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक अंतर्कलह का परिणाम बताते हुए कहा कि आपसी संघर्ष का खामियाजा प्रशासन और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। घटना के बाद देर शाम सभापति, आयुक्त, पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैदल मार्च निकालकर कांकरोली थाने का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस मामले में थाना अधिकारी सरोज बैरवा ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज की गई है। भरत दवे को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि आयुक्त की शिकायत पर राजकार्य में बाधा और मारपीट के आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं अखिल राजस्थान सफाई कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शहर में सफाई कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।

स्याही कांड ने राजसमंद की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। यह घटना न केवल प्रशासनिक सुरक्षा और राजनीतिक शालीनता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि असहमति की आग किस तरह सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल शहर की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

Pratahkal Bureau

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