हिंदुस्तान जिंक माइंस के निकट डंपर की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत के बाद उचित मुआवजे की मांग को लेकर कर्मचारियों और ग्रामीणों का पिछले तीन दिनों से चल रहा आंदोलन शनिवार को उग्र हो गया।

जानकारी के अनुसार, प्रभावित पशुपालक को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले दो दिनों से सी-शिफ्ट का कार्य बंद था। शुक्रवार को कंपनी और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन इसी दौरान कंपनी द्वारा सी-शिफ्ट के कर्मचारियों की अनुपस्थिति (एब्सेंट) दर्ज किए जाने के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया।

इसके बाद आंदोलनकारियों ने फैक्ट्री के मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों के प्रवेश का विरोध किया। इस दौरान कुछ लोगों ने बसों के सामने लेटकर मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाकर भीड़ को तितर-बितर किया।

इस कार्रवाई के दौरान सरपंच हीरालाल सहित दो नेताओं को हिरासत में लेकर रेलमगरा थाने ले जाया गया। नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीण और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

Pratahkal Bureau

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