नाथद्वारा। राजसमंद जिले की धर्मनगरी नाथद्वारा में जल स्रोत और प्राकृतिक जलमार्ग में बाधा के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने इस प्रकरण में राज्य सरकार सहित नगरपालिका नाथद्वारा को तुरंत कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। 24 फरवरी 2026 की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि "क्षेत्र में मौजूद जल निकायों की वास्तविक स्थिति की जांच कर रिपोर्ट पेश की जाए और यदि पानी के बहाव में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।"

राजस्व रिकॉर्ड और भूमि की पैमाइश के निर्देश

कोर्ट ने केवल अतिक्रमण हटाने तक ही सीमित न रहते हुए राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमि की स्थिति और जल स्रोतों की सही माप भी प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। अब नगरपालिका प्रशासन सीधे न्यायालय की निगरानी में कार्य करेगा। इस आदेश के बाद अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो अधिकारियों की जवाबदेही तय मानी जा रही है।

अगली सुनवाई और अंतरिम आदेश की स्थिति

न्यायिक प्रक्रिया के तहत इस मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तब तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा। प्रशासन को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर जलमार्गों को बाधा मुक्त कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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