कपासन में हजरत दीवाना शाह साहब के 85वें उर्स का छठी शरीफ की महफिल से आगाज
कपासन में हजरत दीवाना शाह साहब के 85वें उर्स का आगाज, छठी शरीफ की महफिल में कव्वालियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारियां।

तस्वीर में दरगाह परिसर में मौजूद लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल दिखाई दे रहे हैं।
कपासन में प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. के 85वें तीन दिवसीय उर्स का मंगलवार को हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. की छठी शरीफ की महफिल के साथ आगाज हुआ। उर्स की शुरुआत शाही महफिल खाने में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम से हुई, जिसमें राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री हाजी शराफत हुसैन भाटी के अनुसार बाबा हुजूर का 85वां तीन दिवसीय उर्स 21 जुलाई, मंगलवार प्रातः 8ः30 बजे शाही महफिल खाने में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज र.अ. की छठी शरीफ की महफिल से शुरू हुआ। कार्यक्रम में औलिया मस्जिद के पेश ईमाम मौलाना अंसारूल हक ने तिलावते कलाम किया। इसके बाद हाजी मोहम्मद सईद अंसारी की दीवाना मीलाद पार्टी ने महफिले मीलाद स.अ.व. पेश की।
महफिल के दौरान सलातो सलाम के बाद कपासन शहर काजी मोहम्मद सईद, हाफिजो कारी शाकीर, हाफिजो कारी अब्दुल रहीम अशरफी और मौलाना आदिल रजा ने फातिहा पढ़ी। इसके बाद राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से आई कव्वाल पार्टियों ने बारी-बारी से सूफियाना कलाम प्रस्तुत किए।
उर्स शुरू होने के साथ ही जायरीन के दर्शन करने और चादर पेश करने का सिलसिला भी शुरू हो गया। दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली के अनुसार उर्स के दौरान दरगाह परिसर में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिस्पेंसरी भी लगाई गई है।
पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस लाइन से जाप्ता तैनात किया गया है। इसके अलावा फायर बिग्रेड की गाड़ी 24 घंटे तैनात रहेगी। मेला ग्राउंड में 700 से ऊपर दुकानें, डोलर, झूला, चकरी सहित अन्य व्यवस्थाएं शुरू हो चुकी हैं।
दरगाह वक्फ कमेटी की जानिब से 100 सिक्यूरिटी गार्ड और 150 स्वयं सेवकों ने आस्ताना ए आलिया के अंदर और बाहर अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। लंगरखाना में दोनों वक्त लंगर तकसीम किया जा रहा है। पूरे दरगाह परिसर में टेन्ट, लाइट और फूलों से सजावट की जा चुकी है। जायरीनों के लिए छाया, पानी और अन्य सुविधाओं की माकूल व्यवस्था की गई है।
उर्स कार्यक्रम के तहत 22 जुलाई बुधवार को बाद नमाजे ईशा महफिले मीलाद के बाद कव्वाल हजरात अपने-अपने कलाम पेश करेंगे। इसके बाद रात्रि 3ः30 बजे गुस्ल की रस्म अदा की जाएगी।
इससे पहले सोमवार सांयकाल कपासन डी.वाई.एस.पी हरिश भारती एवं थानाधिकारी सुनील शर्मा ने पूरी दरगाह परिसर का अवलोकन किया और दरगाह पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वॉलियन्टियर की मीटिंग भी ली।
बैठक और निरीक्षण के दौरान दरगाह वक्फ कमेटी के सरपरस्त अनवर अहमद छीपा, सैयद मुकर्रम अली, नायब सदर कुदरत हुसैन, मंसूर अहमद ओटवाल, सहसचिव मेहबूब शाह, कोषाध्यक्ष सैयद इरफान अली बुखारी, सदस्य हाजी साबिर हुसैन पुंवार, मोहम्मद सलीम तुर्किया, अख्तर हुसैन, इकबाल हुसैन खान, अब्दुल रशीद तुर्कीया, कल्लु खान, अकरम मंसूरी, इरफान सिलावट, नफीस शैख, आशिक मोहम्मद, मुंशी खान, मोहम्मद जरिफ पठान, मोहम्मद आरिफ छीपा, अनवर हुसैन अंसारी, सैयद तनवीर अली और दरगाह ऑफिस सैक्रेट्री शफी मोहम्मद छीपा मौजूद थे।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
