कपासन/आमेट। प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. की दरगाह शरीफ पर रबी उल अव्वल की चांद रात के मौके पर जायरीन का अपार जनसैलाब उमड़ा। शुक्रवार को दिनभर दरगाह पर आशिके दीवाना का आना-जाना लगा रहा और पूरा परिसर जायरीन की आवाजाही से गुलजार रहा।

दरगाह वक्फ कमेटी के सचिव हाजी शराफत हुसैन भाटी के अनुसार, आस्ताना-ए-आलिया में स्थित मुख्य मजार पर चादर, फूल, अगरबत्ती और इत्र पेश करने के लिए जायरीनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं।

दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली ने बताया कि आहाता-ए-नूर में महफिले मीलाद और महफिले समां का कार्यक्रम दिनभर चलता रहा। इससे पूरा परिसर सूफियाना रंग में रंगा नजर आया।

मेला ग्राउंड में 300 से ऊपर अस्थाई दुकानें लगीं, जहां जायरीन खरीदारी करते दिखाई दिए। चांद रात के मौके पर दरगाह परिसर और मेला ग्राउंड में दिनभर रौनक बनी रही।

दरगाह वक्फ कमेटी की जानिब से जायरीनों के लिए छाया-पानी का माकूल इंतजाम किया गया। जायरीनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जियारत सुचारू रूप से संपन्न हो सके, इसके लिए दरगाह वक्फ कमेटी के सरपरस्त सैयद मुकर्रम अली, नायब सदर कुदरत हुसैन, मंसूर अहमद ओटवाल, सहसचिव मेहबूब शाह, कोषाध्यक्ष सैयद इरफान अली बुखारी, सदस्य हाजी साबिर हुसैन पुंवार, अख्तर हुसैन, इकबाल हुसैन खान, अकरम मंसूरी, अब्दुल रशीद तुर्कीया, नफीस शेख, कल्लु खान, मुंशी खान पठान मावली और इरफान सिलावट व्यवस्थाओं में लगे रहे।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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