खमनोर (प्रातःकाल संवाददाता)। मेवाड़ कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत महाराणा प्रताप की रणभूमि हल्दीघाटी के पारदर्शी विकास की अधूरी योजना के पूरे होने की उम्मीद एक बार पुनः उच्च न्यायालय के निर्देशों पर जाग गई है।


न्यायालय का स्वतः संज्ञान और प्रशासनिक दौरा

उल्लेखनीय महाराणा प्रताप की कर्म स्थली हल्दीघाटी की दुर्दशा के बारे में प्रकाशित समाचार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्णयों की पालना में जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने आज प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रक्ततलाई एवं हल्दीघाटी दर्रे का अवलोकन किया।


उपस्थित अधिकारीगण

  • जिला कलक्टर: अरुण कुमार हसीजा
  • जिला पुलिस अधीक्षक: श्रीमती ममता गुप्ता
  • जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी: बृजमोहन बैरवा
  • अतिरिक्त जिला कलक्टर: नरेश बुनकर
  • उपखंड अधिकारी नाथद्वारा: रक्षा पारीक
  • खमनोर तहसीलदार: सुरेश नाहर
  • खमनोर पंचायत समिति विकास अधिकारी: हनुवीर सिंह विश्नोई
  • खमनोर थाना अधिकारी: नरेंद्र सिंह भाटी
  • पुरातत्व विभाग: डॉ. हिमांशु चौधरी
  • वन विभाग व अन्य अधिकारीगण

संरक्षण एवं सुधार हेतु कड़े निर्देश

जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसके संरक्षण हेतु शीघ्रता से कार्य प्रारंभ कर रक्ततलाई में सांकेतिक रूप से बने रक्त ताल का जीर्णोद्धार व अनुपयोगी सरकारी भवनों को हटाते हुए प्रवेश द्वार पर बगीचा बनाने सहित अन्य आवश्यक सुधारों पर प्रस्ताव लेकर समाधान करने के निर्देश दिए है।

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Pratahkal Bureau

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