जय प्रताप–जय मेवाड़ के जयघोष से गूंज उठा हल्दीघाटी रणक्षेत्र, भव्य शोभायात्रा के साथ तीन दिवसीय प्रताप जयंती मेले का शुभारंभ
हल्दीघाटी रणक्षेत्र में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, गूंजे जय प्रताप-जय मेवाड़ के नारे। अश्व प्रतियोगिता, पुष्पांजलि और ऐतिहासिक झांकियों ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को किया जीवंत।

हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय मेले के शुभारंभ के दौरान मेवाड़ के ऐतिहासिक वीरों की वेशभूषा धारण किए स्थानीय प्रतिभागी।
वीरता, स्वाभिमान और अदम्य पराक्रम की ऐतिहासिक गाथाओं के साक्षी हल्दीघाटी रणक्षेत्र में बुधवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और शौर्य के रंग में रंग दिया। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रताप जयंती मेला समारोह का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा, पुष्पांजलि और विविध सांस्कृतिक आयोजनों के साथ हुआ। रणभूमि की पावन माटी “जय प्रताप” और “जय मेवाड़” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठी।
जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल के तत्वावधान में रक्त तलाई परिसर से सुबह करीब साढ़े आठ बजे राजसी वैभव और पारंपरिक गौरव के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में केसरिया परिधान, पारंपरिक वेशभूषा और अश्वारोहियों का आकर्षक प्रदर्शन लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महाराणा प्रताप, हकीम खान सूरी, राणा पूंजा, राजपुरोहित, रामशाह तंवर, अमरसिंह और भामाशाह सहित मेवाड़ के महान वीरों के स्वरूप धारण किए युवाओं ने अश्वों पर सवार होकर इतिहास को सजीव कर दिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
शोभायात्रा के आयोजन स्थल पहुंचने पर मेले का विधिवत शुभारंभ विख्यात इतिहासकार डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, उपखंड अधिकारी भगीरथ सिंह, तहसीलदार डॉ. सुरेश चंद्र नाहर, विकास अधिकारी हनुवीर सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष मदन सिंह परमार, चेतन पंवार, के.डी. सिंह, पूर्व अध्यक्ष नवनीत पालीवाल, विनोद पालीवाल, गोपाल माली, हल्दीघाटी संग्रहालय निदेशक भूपेंद्र श्रीमाली तथा कुलदीप कौशिक की उपस्थिति में किया गया।
समारोह की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल की ओर से शोभायात्रा में शामिल उन पात्रों का सम्मान किया गया जिन्होंने वीर शहीदों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के जीवन का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। अतिथियों ने हल्दीघाटी की पवित्र माटी से तिलक कर उनका स्वागत किया। चेतन पंवार ने स्वागत उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का अभिनंदन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन, मेवाड़ की रक्षा के लिए किए गए उनके त्याग और गौरवशाली योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने प्रताप के आदर्शों को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और आत्मसम्मान का प्रतीक बताते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का संचालन एडवोकेट सुषमा माण्डोत और प्रेमशंकर माली ने किया।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप के प्रिय एवं स्वामिभक्त अश्व चेतक की स्मृति में आयोजित अश्व प्रतियोगिता ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न क्षेत्रों से आए अश्वों ने अपने स्वामियों के संकेत पर रोमांचक और हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। मेला परिसर में विभिन्न सामग्रियों की प्रदर्शनी एवं स्टॉल भी लगाए गए, जहां लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
हल्दीघाटी की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि मेवाड़ की गौरवशाली विरासत, वीरता और बलिदान की अमर परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
