गोविन्द चौक, नाथद्वारा: सुन्दर विलास कुण्ड में 15 वर्षों से तपस्वी सेवा में लीन अज्ञात मोनी बाबा का निधन
नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर परिसर स्थित सुन्दर विलास कुण्ड में लगभग 15 वर्षों से मौन साधना और सेवा में लगे अज्ञात मोनी बाबा का निधन हो गया। सेवादारों ने उन्हें सुबह मृत अवस्था में पाया। प्राकृतिक मृत्यु मानते हुए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और मां तुलसी मानव सेवा संस्थान द्वारा हिंदू रीति से अंतिम संस्कार किया गया।

राजसमंद, 1 दिसंबर। नाथद्वारा के गौरवशाली श्रीनाथजी मंदिर परिसर में वर्षों से शांत तप में लीन एक मौन साधक का जीवन चक्र सोमवार रात थम गया। सुन्दर विलास कुण्ड के किनारे लगभग पंद्रह वर्षों से सेवा, साधना और एकांतवास में रमे अज्ञात मोनी बाबा मंगलवार सुबह मृत अवस्था में पाए गए। उनकी निःशब्द उपस्थिति, जो लंबे समय से इस परिसर का हिस्सा बन चुकी थी, अचानक समाप्त होने से संत समुदाय और स्थानीय सेवादारों में गहरा भावनात्मक माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार, मोनी बाबा सोमवार रात करीब 9 बजे मंदिर परिसर स्थित चबूतरे पर सोए थे। सुबह लगभग 7 बजे सेवादार मोहन दास ने उन्हें अचल देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मोहन दास, जो स्वयं बीते दो दशकों से श्रीनाथजी मंदिर में सेवा करते आ रहे हैं, बताते हैं कि मोनी बाबा किसी से संवाद नहीं करते थे और केवल इशारों के माध्यम से ही अपनी बात समझाते थे। उनका कोई दस्तावेज, पहचान पत्र, परिजन या संपर्क जानकारी उपलब्ध नहीं थी। वे न मोबाइल रखते थे, न ही किसी रिश्तेदार से संवाद में थे। पिछले एक महीने से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, पर वे अपनी दिनचर्या और साधना में ही रहते थे।
घटनास्थल पर पहुंचे सेवादारों—मोहन दास, गगन पालीवाल, रेखा माली (मां तुलसी सेवा सदन), दरियाब सिंह, गीता साल्वी, श्रीमती करण चौधरी, अजय यादव, निलेश शर्मा सहित अन्य—ने बताया कि मोनी बाबा की मृत्यु प्राकृतिक प्रतीत होती है और किसी प्रकार का संदेह नहीं है। सभी ने मिलकर पुलिस को लिखित सहमति दी कि परिवारजन न होने और मृत्यु के स्वाभाविक कारणों को देखते हुए पोस्टमार्टम या कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
इसके पश्चात मां तुलसी मानव सेवा संस्थान द्वारा हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। पुलिस ने पूरी घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को देते हुए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कीं और शव को अंतिम संस्कार हेतु संस्था को सुपुर्द किया।
मौन साधना में डूबे एक अज्ञात संत का यूँ इस दुनिया से विदा लेना न केवल परिसर के सेवादारों बल्कि उन सभी के लिए एक भावुक क्षण है जो वर्षों से उन्हें नीरव साधना में बैठे देखते आए थे। अधिकारियों ने संवेदनशीलता बरतते हुए स्पष्ट अपील की है कि बिना पुष्टि किसी प्रकार की अफवाहें या भ्रामक जानकारियाँ प्रसारित न की जाएं।
- नाथद्वारा मोनी बाबासुन्दर विलास कुण्ड मृत्युश्रीनाथजी मंदिर परिसर घटनानाथद्वारा संन्यासी मृत्युराजसमंद स्थानीय समाचारमां तुलसी मानव सेवा संस्थाननाथद्वारा पुलिस सूचनामौन साधक निधनNathdwara Moni Baba deathSundar Vilas Kund incidentShrinathji Temple newsRajsamand news updateNathdwara monk passes awaysilent monk Nathdwarahuman service institution Nathdwarag

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
