गो सम्मान आह्वान अभियान: माणकदेह में जनजागृति कार्यक्रम, 27 अप्रैल को आमेट में ज्ञापन
माणकदेह के श्री चारभुजा नाथ मंदिर में साधु-संतों की उपस्थिति में गो माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठी।

राजस्थान के राजसमंद जिले के आमेट तहसील क्षेत्र अंतर्गत माणकदेह स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर प्रांगण में बीती रात्रि गो सम्मान आह्वान अभियान के निमित्त एक भव्य जनजागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूज्य साधु-संतों की पावन प्रेरणा एवं विद्वान गोभक्तों के विशिष्ट सानिध्य में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में गो माता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने हेतु जन-जन को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण भारतवर्ष में संचालित इस अभियान का मुख्य ध्येय गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध आरोपित करना, केंद्र सरकार के माध्यम से कठोर कानून निर्मित करवाना तथा गो माता को 'राष्ट्रमाता' का गौरवपूर्ण दर्जा दिलाना है।
आयोजन का विधिवत शुभारंभ श्रद्धापूर्ण गो गान के साथ हुआ, जिसके पश्चात भक्तिमय संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन की सरिता बही। आड़ावाला से पधारे संत हरिदास महाराज ने सुमधुर संकीर्तन के माध्यम से उपस्थित विशाल जनसमूह को गो माता की महिमा और उनके आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम को गति देते हुए आमेट तहसील प्रचारक मुकेश कुमार हरियाल ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आगामी 27 अप्रैल 2026 को आमेट उपखंड मुख्यालय पर अहिंसक रीति से भजन-कीर्तन करते हुए देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ऐतिहासिक प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं से 27 अप्रैल के कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में जुटने का आह्वान किया गया और समर्थन हेतु प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए।
माणकदेह के इस शक्ति संचय कार्यक्रम में उपस्थित समस्त सनातनी गोभक्तों ने आगामी 27 अप्रैल को आमेट पहुंचने का सामूहिक संकल्प लिया और गो माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु शपथ ग्रहण की। इस गौरवशाली अवसर पर आमेट प्रचारक टीम से श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर टीकर के पुजारी शंकर महाराज, धर्मेश काका, काना गर्ग, रूपसिंह राव, पन्नालाल प्रजापत एवं भंवर सिंह सहित माणकदेह ग्राम व निकटवर्ती क्षेत्रों के असंख्य महिला-पुरुषों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। यह आयोजन क्षेत्र में गो संरक्षण के प्रति एक नई चेतना और संगठित संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा है।

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