फतहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम लदाना में रात्रि के समय घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और नकदी व सामान ले जाने के आरोपियों को घटना के 22 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर, पुलिस उपाधीक्षक मावली और फतहनगर थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग के बाद भी अब तक आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लदाना, पुलिस थाना क्षेत्र फतहनगर निवासी प्रेमी बाई पत्नी किशनलाल, हजारीलाल पुत्र किशनलाल, शंकरलाल पुत्र किशनलाल, ममता पत्नी मिठु एवं रविना पत्नी शंकर जोगी कालबेलिया ने 1 सितम्बर 2026 को फतहनगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि 31 अगस्त 2026 की रात्रि को वे अपने घर पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक भगवान लाल पिता नानालाल, रोशन, दुग्रेश, सोनु, सुनिल पिता भगवान लाल, भगवान व उसकी दोनों पत्नियां केनरा, सुशीला तथा भगवान की पुत्री डाली, संगीता, सुमन, भावना व दुर्गा पत्नी रोशन, चांदनी पत्नी दुग्रेश सहित करीब 100 व्यक्ति वहां पहुंचे।


रिपोर्ट के अनुसार आरोपी बोलेरो वाहन नंबर आरजे 27 यूबी 2666, ट्रैक्टर, दो बुलट, एक ब्रेजा वाहन, इको वाहन एवं 15/20 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए। आरोप है कि सभी हम सलाह होकर विधि विरुद्ध जमाव कर घर का विद्युत मीटर तोड़कर अनाधिकृत रूप से घर में घुस गए और कमरों के दरवाजे तोड़ दिए। आरोपियों के हाथों में लठ, तलवार, सरिये, पत्थर और कुल्हाड़ी थीं। इसके बाद प्राथीगण के साथ लात-घूंसों और हथियारों से मारपीट करने का आरोप है।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने प्रेमी के साथ लठ से मारपीट की। घर में मौजूद गर्भवती महिला रविना के साथ भी मारपीट की गई। प्राथीगण के अनुसार सभी आरोपियों ने उनके साथ गंभीर रूप से मारपीट की। इसके साथ ही घर में घुसकर कूलर, पंखे एवं अन्य घरेलू सामान तथा पांच मोटरसाइकिल और एक बुलट को तोड़कर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

पीड़ितों के अनुसार घर में पलंग पर रखे 50 हजार रुपए नकद भी निकाल लिए गए। दो मोबाइल सिम, 20 हजार रुपए नकद, सोने की चैन और चांदी का कंदोरा लेकर जाने का भी आरोप लगाया गया है। प्राथीगण ने बताया कि घटना के बाद पुलिस थाने में सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों ने पुलिस के वाहन के आगे ट्रैक्टर आड़ा लगा दिया।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जाते-जाते पीड़ितों को धमकी देकर गए कि, “आज तो तुम बच गए। आईन्दा कभी भी मौका मिलेगा तो तुम सबको जान से मार देंगे।” प्राथीगण ने आरोपियों के उक्त कृत्य से करीब 5/7 लाख रुपए का नुकसान होने की बात बताई है।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भादस की 115(2), 126(2), 125, 333, 324(2), 190, 191(2) धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। प्राथीगण का कहना है कि घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग को लेकर वे जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर, पुलिस उपाधीक्षक मावली और पुलिस थाना प्रभारी फतहनगर से मिल चुके हैं, लेकिन फतहनगर पुलिस आज तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है और न ही उनके खिलाफ कोई उचित कार्रवाई हो पाई है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं। उनका कहना है कि आरोपी सरेआम गांव में घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।

प्राथीगण ने बताया कि घटना के 22 दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि वे लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार के किसी भी सदस्य पर आरोपियों द्वारा पुनः हमला किया गया तो इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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