लावासरदारगढ़, आमेट: तहसील मुख्यालय सरदारगढ़ स्थित श्री जगन्नाथ गोपाल गौशाला का अस्तित्व 2018 में स्थापित होने के बाद आठ वर्षों से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यह गौशाला मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। वर्तमान में गौशाला में लगभग 140 गोवंश हैं, जो सर्दियों में ठिठुरते हुए जीवनयापन कर रहे हैं।

स्थापना के बाद से यह गौशाला किसी भी सरकारी अनुदान से वंचित रही है और केवल गो भक्तों व भामाशाहों के सहयोग पर निर्भर है। गौशाला में फिलहाल केवल एक शेड है, जो ठंड के मौसम में गोवंशों के संरक्षण के लिए अपर्याप्त साबित हो रहा है।

गौशाला के सदस्यों के अनुसार, बीमार गोवंश के उपचार के लिए काउ लिफ्ट मशीन की अत्यंत आवश्यकता है। इसके अलावा, प्रतिदिन इन गोवंशों को पर्याप्त और पौष्टिक चारा देने में कठिनाई हो रही है। वर्तमान में गोभक्त खेतों से निशुल्क चारा एवं कडब जुटा रहे हैं, लेकिन 140 गोवंशों के लिए यह पर्याप्त नहीं है। ऐसे में कुटी मशीन की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

गौशाला व्यवस्था समिति के सदस्य लगातार भामाशाहों से संपर्क में हैं ताकि कर्मियों और आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बावजूद इसके, संसाधनों की कमी और सर्दी की कठोर परिस्थितियों ने गौशाला को आज भी संघर्षशील स्थिति में रखा है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और सरकारी संस्थाओं के लिए चेतावनी है कि समय रहते आवश्यक सहायता प्रदान की जाए, जिससे गौवंश सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।

Pratahkal Bureau

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