हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के श्री द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली में बुधवार को ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार और हिंडोला दर्शन हुए। मंदिर परिसर को हरे पत्तों और आकर्षक बगीचे से सजाया गया, जहां प्रभु श्री द्वारकाधीश ने हरियाली अमावस्या पर विशेष हिंडोले में विराजकर भक्तों को दर्शन दिए।

प्रभु श्री द्वारकाधीश को हरे वस्त्र, आभूषण और वनमाला से विशेष श्रृंगार धराया गया। राजभोग दर्शन के बाद डोल तिवारी में लकड़ी के हिंडोले को आम, आशापाल और चंदन के हरे पत्तों से सजाया गया। हिंडोले के सामने सुंदर बगीचा तैयार किया गया, जिसमें केले के पौधे के साथ चांदी-सोने के छोटे झूले, गाय, शेर, घोड़े, मोर और सारस आदि सजाए गए।

शाम करीब साढ़े पांच बजे हिंडोला दर्शन खुले। स्थानीय सहित बाहर से आए वैष्णव श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रभु के दर्शन किए। गोस्वामी श्री संजीव कुमार जी महाराज ने प्रभु के हिंडोले को धीरे-धीरे झुलाया। मंदिर के सेवकों ने पंखे झलाकर सेवा अर्पित की। इस दौरान पखावज और कीर्तनकारों ने अष्टछाप कवियों के हरियाली अमावस्या से जुड़े पदों का गायन किया।

करीब सवा सात बजे शयन दर्शन खुले। आशापाल, आम और चंदन के हरे पत्तों से सजे हिंडोले में विराजमान प्रभु द्वारकाधीश के भक्तों ने दर्शन किए। गोस्वामी 108 श्री संजीव कुमार जी महाराज ने शयन की आरती की।

गुरुवार को श्रावण शुक्ल प्रतिपदा पर श्याम घटा में हिंडोला के विशेष शयन दर्शन होंगे। हरियाली अमावस्या पर हुए विशेष श्रृंगार, हिंडोला सज्जा और दर्शन ने श्री द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली में वैष्णव परंपरा के अनुरूप आयोजित धार्मिक सेवा और अनुष्ठान को विशेष रूप प्रदान किया।

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