हजरत दीवाना शाह साहब का 85वां तीन दिवसीय सालाना उर्स कल से, कपासन में उमड़ेगा अकीदतमंदों का सैलाब
कपासन में हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. का 85वां सालाना उर्स 21 से 23 जुलाई तक होगा। जायरीन की आमद को देखते हुए सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

तस्वीर में कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह साहब की दरगाह का मुख्य द्वार और परिसर नजर आ रहा है।
प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. का 85वां तीन दिवसीय सालाना उर्स 21 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई, गुरुवार को कुल की फातिहा के साथ सम्पन्न होगा। सालाना उर्स को लेकर स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले जायरीन और अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उर्स की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
दरगाह वक्फ कमेटी के सैक्रेट्री शराफत हुसैन भाटी ने बताया कि उर्स की तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न विशेष कमेटियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों को जायरीन के आवास, शुद्ध पेयजल, माकूल रोशनी, लंगर, पार्किंग तथा सुरक्षा जैसी अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का दायित्व सौंपा गया है, ताकि उर्स के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली ने बताया कि उर्स को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए दरगाह वक्फ कमेटी के सभी सदस्य और पदाधिकारी पूरी तरह मुस्तैद हैं। वे दिन-रात व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे बाहर से आने वाले मेहमानों और जायरीन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उर्स के दौरान कपासन रेलवे स्टेशन पर सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव रहेगा, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले जायरीन को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जिला वक्फ कमेटी के सदर मुर्तजा खान, दरगाह वक्फ कमेटी के सरपरस्त अनवर अहमद छीपा, सैयद मुकर्रम अली, नायब सदर मंसूर अहमद ओठवाल, सहसचिव मेहबूब शाह, कोषाध्यक्ष सैयद इरफान अली, सदस्य सलीम तुर्किया, अकरम मंसूरी, साबिर हुसैन पुंवार, इकबाल हुसैन खान, अब्दुल रशीद तुर्किया, नफीस शैख, मुन्शी खान, सैयद तनवीर अली, अख्तर हुसैन पखरवट, दरगाह ऑफिस सैक्रेटी शफी मोहम्मद छीपा, अब्दुल रज्जाक, मंजूर खान और शरीफ मेव सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। इनके साथ कपासन अन्जूमन कमेटी के सेक्रेट्री सैयद असलम अली, अन्जूमन कमेटी प्रवक्ता गुड्डू खान, सैयद अख्तर अली, एडवोकेट शरीफ मंसूरी, रईस नियारगर, गनी शैख, मजहर हुसैन, शरीफ अली, खालीद शैख और वाहीद हुसैन सहित अन्य लोग भी व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और दरगाह कमेटी के आपसी समन्वय से सभी बुनियादी तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उर्स के दौरान कपासन में अकीदतमंदों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। 23 जुलाई को कुल की फातिहा के साथ तीन दिवसीय सालाना उर्स का समापन होगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
