राजसमन्द। जिले के शैक्षणिक परिदृश्य में निजी विद्यालयों की भूमिका और उनके समक्ष व्याप्त चुनौतियों को लेकर आज राजसमन्द जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिलेगी। निजी विद्यालय संगठन, राजसमन्द की जिला स्तरीय साधारण सभा की बैठक रविवार दोपहर को शहर के प्रतिष्ठित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिले भर के निजी शिक्षण संस्थानों के संचालक और प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।

कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए इस जिला स्तरीय सभा की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान द्वारा की जाएगी। आमेट सहित पूरे जिले के निजी विद्यालयों की समस्याओं को स्वर देने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत लंबित पड़े पुराने बिलों के भुगतान का मुद्दा छाया रहेगा। पिछले काफी समय से भुगतान में हो रही देरी के कारण निजी विद्यालयों को आ रही आर्थिक कठिनाइयों पर सदन में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-2027 में आरटीई प्रवेश के लिए आए नए नियमों की जटिलताओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर भी संगठन अपनी स्पष्ट राय रखेगा।

बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव नई शिक्षा नीति (एनईपी) पर होने वाला विचार-विमर्श होगा, जो आधुनिक शिक्षा पद्धति में बड़े बदलावों का संकेत दे रही है। संगठन के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती देने के लिए आगामी चुनाव प्रक्रिया पर भी चर्चा प्रस्तावित है, ताकि नेतृत्व को नई ऊर्जा प्रदान की जा सके। जिला संगठन मंत्री शिवशंकर पुर्बिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में सदन की सहमति से अन्य ज्वलंत बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा। यह बैठक न केवल संगठन की एकजुटता को प्रदर्शित करेगी, बल्कि प्रशासन और सरकार तक निजी विद्यालयों की जायज मांगों को पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story