ढेलाणा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और पन्नाधाय गुर्जरी जयंती पर भव्य आयोजन
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढेलाणा में 8 मार्च को महिला दिवस और पन्नाधाय गुर्जरी की 536वीं जयंती मनाई गई

आमेट के ढेलाणा गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढेलाणा में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के साथ पन्नाधाय गुर्जरी की 536वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण आयोजन के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में पंचायत शिक्षक लता शर्मा उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत में लता शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों को 8 मार्च 1917 के ऐतिहासिक घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रूस के पेट्रो गार्डन में महिलाओं ने चार दिनों तक हड़ताल की और अंततः मतदान का अधिकार प्राप्त किया। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के स्मरण में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में आधिकारिक रूप से विश्व महिला दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की। लता शर्मा ने इस अवसर पर महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लैंगिक समानता और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सम्मान और समान अवसर प्रदान करना समाज में न्यायपूर्ण वातावरण निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं की अदम्य साहस, शक्ति और समाज में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण मां पन्नाधाय के जीवन और उनके त्याग, निष्ठा व राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय प्रतीक के रूप में उनके योगदान पर बच्चों की सीख रही। पन्नाधाय का जन्म चित्तौड़ जिले के पांडोली गांव में हरचंद हांकला के घर हुआ और उनका विवाह राजसमंद जिले के कमेरी गांव में संपन्न हुआ। कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों ने उत्सुकता और श्रद्धा के साथ मां पन्नाधाय के जीवन और कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर विद्यालय और गांव के गणमान्य नागरिकों जैसे चुन्नीलाल रेगर, गोपाल लाल टेलर, राजू पावण्डा, गिरिराज प्रजापत, नारायण लाल रेगर, लक्ष्मीबाई सोनी, मांगी बाई सुथार, जगदीश सिंह चुंडावत, विजय सिंह, मुकेश कुमार और मनोज कुमार शर्मा ने भाग लिया। कार्यक्रम के संयोजक नारायणलाल रेगर ने विद्यार्थियों के लिए पन्नाधाय पर कविता सुनाई, जिससे बच्चों में उत्साह और ज्ञान की झलक देखने को मिली।
इस प्रकार ढेलाणा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और पन्नाधाय गुर्जरी जयंती का आयोजन न केवल महिलाओं के योगदान और अधिकारों को याद करने का अवसर बना, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में उनके आदर्श और प्रेरणा का संचार भी सुनिश्चित किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
