खमनोर (राजसमंद)। थाना क्षेत्र खमनोर में दर्ज एक गंभीर प्रकरण में कार्रवाई न होने पर पीड़ित रामचन्द्र पुत्र छगनलाल ने पुलिस अधीक्षक राजसमंद से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के कई दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है और वे गांव में असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर गिरोह बनाकर लगातार धमकियां दे रहे हैं।

पीड़ित ने लिखित में आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम यह कहते फिर रहे हैं कि “पुलिस कुछ नहीं कर सकती, हमारी पहुंच ऊपर तक है।” उनका दावा है कि आरोपियों ने गांव में झूठी अफवाहें फैलाकर उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया है और 70 लाख रुपये की अवैध मांग कर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। गंभीर आरोप यह भी है कि धमकी दी गई—“जूते सिर पर रखकर पूरे गांव में घूमोगे, तभी शामिल करेंगे।” इन हालातों से पूरा परिवार भय और तनाव की स्थिति में है।

इसी बीच 44 श्रेणी पालीवाल समाज के अध्यक्ष शंकरलाल ने मामले में समाज की ओर से सफाई देते हुए कहा कि समाज ने न तो किसी को बाहर किया है, न ही किसी सदस्य को कार्यक्रमों में आने-जाने से रोका गया है। अध्यक्ष ने इस संबंध में एक लिखित पत्र पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता और थाना पुलिस को भेजकर स्पष्ट किया कि सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में भी कहीं ऐसा उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग झूठी अफवाहें फैलाकर समाज का नाम खराब कर रहे हैं, जबकि समाज का इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि पीड़ित सामाजिक ठेकेदारों के दबाव और धमकियों से परेशान है, न कि समाज के निर्णयों से।

पीड़ित रामचन्द्र ने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है कि खमनोर थाना पुलिस को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।

Pratahkal Bureau

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