ढेलाणा में गांधी-शास्त्री जयंती पर विद्यार्थियों ने जाना सत्य, अहिंसा और सादगी का महत्व
आमेट के ढेलाणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 2 अक्टूबर को गांधी और शास्त्री जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा, सादगी और दोनों नेताओं के योगदान से जुड़े विचारों से अवगत कराया गया।

तस्वीर में ढेलाणा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह के दौरान बैठे शिक्षक और छात्र नजर आ रहे हैं।
आमेट। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढेलाणा में 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। इसी अवसर पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शारीरिक शिक्षक मनोज कुमार शर्मा, जगदीश सिंह चुंडावत, गजराज सिंह चारण, राजू पावण्डा, गिरिराज प्रजापत और नारायण लाल रेगर ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। गजराज सिंह चारण ने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन और रंगभेद नीति पर प्रकाश डाला। जगदीश सिंह चुंडावत ने पंडित लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदारी तथा मितव्ययता पर अपने विचार रखे।
राजू पावण्डा ने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता दोनों नेताओं में भरपूर थी। कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने सविनय अवज्ञा आंदोलन, अहिंसा और सत्यव्रत पर विचार रखे। उन्होंने महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ नारे के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम के दौरान गिरिराज प्रजापत ने ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन का गायन करवाया। शारीरिक शिक्षक मनोज कुमार शर्मा ने ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, जो पीर पराई जाने रे’ का सामूहिक गायन करवाया। नारायणलाल रेगर ने कविता पाठ कर महात्मा गांधी और पंडित लाल बहादुर शास्त्री को याद किया।
महात्मा गांधी एवं पंडित लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर रीना कुमावत, ममता कुमावत, कृष्णा कुमावत और मंजू कुमावत ने भाषण दिए। कार्यक्रम में निलेश, योगेश, संपत, लक्ष्मण, प्रहलाद, अनमोल, किस्मत, भावना, किरण और काव्या ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महात्मा गांधी और पंडित लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और कार्यों से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। यह जानकारी प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने दी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
