राजसमंद। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने विधानसभा सत्र में विशेष उल्लेख के माध्यम से हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के खनन कार्य से उत्पन्न टेलिंग अपशिष्ट से जुड़ी गंभीर जन समस्याओं की ओर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया।


टेलिंग अपशिष्ट और पर्यावरणीय सुरक्षा की मांग

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि "टेलिंग संग्रहण एवं निस्तारण गतिविधियां पर्यावरण, भू-जल, कृषि भूमि, जनस्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल रही हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापक चिंता और असंतोष है।"

  • कंपनी द्वारा अधिग्रहित/क्रय भूमि और वास्तविक उपयोग में ली जा रही भूमि के बीच अंतर को लेकर स्पष्टता नहीं है।
  • पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
  • पिछले पांच वर्षों में टेलिंग हेतु खरीदी गई भूमि और अधिग्रहण प्रस्तावों की स्थिति भी जनता के सामने स्पष्ट नहीं है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन किसानों की भूमि ली गई, उनके पुनर्वास, रोजगार और स्थायी आजीविका की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने से असंतोष बढ़ रहा है।

"राज्य सरकार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर टेलिंग निस्तारण की निष्पक्ष जांच कराए तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिग्रहित भूमि, वास्तविक उपयोग, पर्यावरणीय स्थिति और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक कर प्रभावित परिवारों के लिए समयबद्ध राहत सुनिश्चित की जाए।"

उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और आजीविका सुरक्षा के लिए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। विकास आवश्यक है, परंतु पर्यावरण और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


कुशल प्रबंधन से घटी बिजली ट्रांसमिशन हानि, पीपली आचार्यान में नया जीएसएस शीघ्र

विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी द्वारा विधानसभा सत्र में उठाए गए तारांकित प्रश्न पर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए विद्युत व्यवस्था सुधार के ठोस परिणाम प्रस्तुत किए हैं। विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश में विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण और कुशल प्रबंधन के कारण विगत दो वर्षों में ट्रांसमिशन हानि में लगभग 7 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। अजमेर निगम क्षेत्र में यह हानि लगभग 10 प्रतिशत से घटाकर मात्र 3.5 प्रतिशत रह जाना ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर प्रशासन और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है।

विधानसभा में राजसमंद क्षेत्र की विद्युत समस्या को उठाते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सांगठ, साकरोदा, सापोल, पीपली आचार्यान सहित आसपास के क्षेत्रों में वोल्टेज समस्या और अनियमित आपूर्ति का मुद्दा प्रमुखता से रखा। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि:

  • सांगठ कला में 33 केवी जीएसएस स्थापित किया जा चुका है।
  • साकरौदा में नए ट्रांसफार्मर लगाकर कम वोल्टेज की समस्या का समाधान किया गया है।
  • सापोल क्षेत्र में भी 33 केवी सबस्टेशन स्थापित हो चुका है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी की विशेष मांग पर सरकार ने आश्वासन दिया कि "पीपली आचार्यान में भूमि की अनापत्ति (एनओसी) प्राप्त होते ही नया जीएसएस स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिलेगी।"


कृषि फीडर पृथक्करण और तकनीकी सुविधाएं

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कृषि फीडर पृथक्करण एवं किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के संबंध में भी प्रश्न उठाया, जिस पर सरकार ने बताया कि क्षेत्र में स्वीकृत 26 कृषि फीडरों में से कई पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर है और किसानों को दिन में नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सरकार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बताया कि:

  • उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए "बिजली मित्र" मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता बिल भुगतान और शिकायतों का पंजीकरण घर बैठे कर सकते हैं।
  • आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे बिलिंग में पारदर्शिता आई है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत आधारभूत ढांचे को मजबूत कर ग्रामीण, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र को विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में राजसमंद क्षेत्र को स्थायी रूप से बेहतर विद्युत व्यवस्था का लाभ मिलेगा।


ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का जवाब

ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने विधानसभा में कहा कि विधानसभा क्षेत्र राजसमंद के सांगठ कलां, साकरोदा, सापोल एवं पीपली आचार्य क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सांगठ कलां में पूर्व में ही 33 केवी का जीएसएस स्थापित किया जा चुका है।

  • साकरोदा के गाछोला गुड़ा में कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 16 केवीए सिंगल फेज ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।
  • साकरोदा मुख्य गांव में 40 केवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर उच्च क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर वोल्टेज समस्या का निवारण किया गया है।
  • सापोल गांव में भी 33 केवी जीएसएस स्थापित हो चुका है।

उन्होंने बताया कि सांगठ कलां, साकरोदा, सापोल एवं पीपली आचार्य पहाड़ी एवं वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण वर्षा ऋतु में आंधी-तूफान से विद्युत तंत्र प्रभावित होता है, जिस पर विभाग द्वारा शीघ्र आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि "पीपली आचार्य में भी जीएसएस स्थापना के लिए भूमि की एन ओ सी प्राप्त होने के बाद इस संबंध में समुचित निर्णय किया जाएगा।"

ऊर्जा राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजसमंद विधानसभा क्षेत्र में कृषि एवं गैर कृषि फीडर पृथक्कीकरण के लिए कुल 26 फीडर स्वीकृत हैं, जिनमें से 9 का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 4 फीडर का कार्य प्रगतिरत है। इसके अतिरिक्त 11 केवी के 10 फीडरों का विभक्तिकरण स्वीकृत किया गया, जिनमें से 6 का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

Pratahkal Bureau

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