चारभुजा, 20 नवंबर। चारभुजा धार्मिक स्थली पर गुरुवार को अमावस्या के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रातः मंगला दर्शन से लेकर दोपहर 2 बजे तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही, जिसमें भक्तों को कतारबद्ध होकर दर्शन करने की आवश्यकता पड़ी।

इस अवसर पर चारभुजा जी की राजभोग आरती के बाद भव्य भोग सजाया गया। सावा चित्तौड़गढ़ से रतनलाल आगाह परिवार ने चारभुजा जी को 56 अलग-अलग व्यंजनों का भोग अर्पित किया। भोग को विविध थालियों में सजाकर, बैड बाजो की धुन पर नाचते-गाते हुए चारभुजा जी के दरबार में पहुँचाया गया। पूजा रस्मा पुजारी मोडी लाल और भगवान लाल बगडवाल द्वारा विधिपूर्वक सम्पन्न कराई गई।

मंदिर चौक में उपस्थित महिलाएं नृत्य कर अपने भावनाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। भोग प्रसाद के रूप में छप्पन व्यंजन श्रद्धालुओं में वितरित किए गए। अमावस्या पर विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में भक्तों की भागीदारी देखने को मिली।

इसके अलावा, जिन श्रद्धालुओं के विवाह 23, 27 और 30 नवंबर को प्रस्तावित हैं, उन्होंने चारभुजा जी को विवाह पत्रिका अर्पित की। बुधवार रात को प्रतिमाह चौदस पर निकले चारभुजा जी के वैवाण में विराजित बाल प्रतिमा के दर्शन के लिए भी भक्तों की बड़ी संख्या ने मंदिर का दौरा किया। भक्तों ने रेवाड़ी में अपनी मनोकामनाओं का fulfillment किया और चढ़ावा भेंट की।

मंदिर परिसर को विशेष विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया। बाल प्रतिमा को नए ओसरा वाले पुजारी द्वारा लापसी का भोग अर्पित किया गया। अमावस्या के इस भव्य आयोजन ने चारभुजा धार्मिक स्थली की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को और बढ़ाया, जहां श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

Pratahkal Bureau

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