जयपुर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का हुंकार: मनरेगा और एसआईआर कानून के खिलाफ गांव-गांव तक पहुंचेगी विरोध की गूँज
जयपुर में आयोजित कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक में एम.डी.चोपदार और अब्दुल सत्तार शाह सहित दिग्गज नेताओं ने मनरेगा को कमजोर करने और एसआईआर कानून की मनमानी के खिलाफ बड़े आंदोलन का शंखनाद किया। इमरान प्रतापगढ़ी के आगामी दौरे और संगठन विस्तार को लेकर बनी इस रणनीति से राजस्थान की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जानिए कैसे कांग्रेस अब गांव-गांव जाकर जनहित की आवाज उठाएगी।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आज सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की एक उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एम.डी.चोपदार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक ने न केवल संगठन की भविष्य की रणनीति तय की, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक निर्णायक जंग का ऐलान भी कर दिया। इस बैठक में प्रदेश भर के जिला अध्यक्षों ने शिरकत की, जिसमें संगठनात्मक मजबूती से लेकर जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन किया गया।
बैठक के मुख्य एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए अल्पसंख्यक विभाग राजसमन्द के जिलाध्यक्ष अब्दुल सत्तार शाह ने बताया कि कांग्रेस अब सीधे जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के उन प्रयासों का पर्दाफाश करेगी, जो मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने या बंद करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि वे प्रदेश की ढाणी-ढाणी और गांव-गांव जाकर आम जनता को जागरूक करेंगे। बैठक में एसआईआर (SIR) कानून की जटिलताओं, प्रशासनिक दबाव और अधिकारियों की कथित मनमानी पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। विशेष रूप से सरकारी सूचियों से पात्र व्यक्तियों के नाम काटे जाने की समस्या को एक गंभीर मुद्दा मानते हुए जरूरतमंदों की कानूनी और प्रशासनिक सहायता करने का निर्णय लिया गया।
संगठनात्मक ढांचे को नई ऊर्जा देने के लिए अध्यक्ष एम.डी.चोपदार ने सभी जिला अध्यक्षों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। इसके तहत जल्द ही नई जिला, ब्लॉक और नगर कार्यकारिणियों का गठन किया जाएगा और योग्य पदाधिकारियों की नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएंगी। संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला मुख्यालयों पर अल्पसंख्यक विभाग के समर्पित कार्यालय खोलने और जिला अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का आगामी राजस्थान दौरा रहा, जिसकी तैयारियों को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। सभी जिला अध्यक्षों ने जमीनी हकीकत से नेतृत्व को रूबरू कराते हुए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए, जिससे आगामी आंदोलनों और कार्यक्रमों को धार मिल सके। यह बैठक राजस्थान की राजनीति में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस के आक्रामक रुख को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
