परिवार विभाग की सराहनीय पहल: आलोक स्कूल, राजसमंद में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता की मिसाल, बालवाहिनी चालकों को मिला विशेष प्रशिक्षण
राजसमंद के आलोक स्कूल में परिवार विभाग की पहल पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 340 विद्यार्थियों और बालवाहिनी चालकों को यातायात नियमों व सुरक्षित ड्राइविंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आरटीओ और विशेषज्ञों ने बच्चों की सुरक्षित यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में परिवार विभाग की एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल के तहत राजसमंद स्थित आलोक स्कूल परिसर में सड़क सुरक्षा को समर्पित एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति सजग किया, बल्कि बालवाहिनी वाहनों के चालकों को विशेष प्रशिक्षण देकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ-साथ बालवाहिनी चालकों में सुरक्षित, जिम्मेदार और अनुशासित यातायात व्यवहार विकसित करना रहा, ताकि बच्चों की प्रतिदिन की स्कूल यात्रा पूर्णतः सुरक्षित और भरोसेमंद बन सके। आयोजन में सड़क सुरक्षा के व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया, जिससे संदेश प्रभावी ढंग से सभी तक पहुंच सका।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आरटीओ निरीक्षक श्रीमती अनीता पवार ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा के पालन तथा यातायात नियमों के कठोर अनुपालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बालवाहिनी वाहन चालक केवल चालक नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन के संरक्षक होते हैं और उनकी छोटी-सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने चालकों से जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ वाहन संचालन करने का आह्वान किया।
विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित अशोक लेलैंड वाहन चालक प्रशिक्षण संस्थान, रेलमगरा के प्रबंधक श्री महेश चौधरी ने बालवाहिनी वाहन चालकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण सत्र में सुरक्षित ड्राइविंग तकनीक, सड़क संकेतों की सही पहचान, ओवरस्पीडिंग से होने वाले जोखिम, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से उत्पन्न खतरों तथा बच्चों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने और बैठने की उचित प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण चालकों के लिए न केवल जानकारीपूर्ण रहा, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय के 340 विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और बालवाहिनी वाहन चालकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिससे सुरक्षित यातायात के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली। कार्यक्रम का स्वागत भाषण विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री ललित कुमार गोस्वामी ने दिया और आयोजन के उद्देश्य व महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समापन “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भविष्य” के सशक्त संदेश के साथ किया गया। परिवार विभाग की इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से ही भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है।
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Pratahkal Bureau
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