चारभुजा में 11 राउंड गोलियां चलने पर भी नहीं गिरा रावण, ग्रामीणों ने पत्थर बरसाकर किया वध
दशहरे पर 11 राउंड गोलियां चलाने के बाद भी जब रावण का पुतला नहीं गिरा, तो ग्रामीणों ने पत्थर बरसाकर वध की अनूठी परंपरा निभाई।

राजसमंद जिले के चारभुजा कस्बे में दशहरे के अवसर पर रावण वध की अनूठी धार्मिक रस्म को देखने के लिए एकत्र हुए स्थानीय ग्रामीण और सुरक्षाकर्मी।
राजसमंद जिले के चारभुजा कस्बे में दशहरे पर रावण वध की वर्षों पुरानी अनूठी परंपरा निभाई गई। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के बाद रावण वध की विशेष रस्म संपन्न हुई। परंपरा के तहत रावण के पुतले पर 11 राउंड गोलियां दागी गईं, लेकिन इसके बावजूद पुतला नहीं गिरा। इसके बाद ग्रामीणों ने पत्थर बरसाकर रावण का अंत किया। इस अनूठी रस्म को देखने के लिए कस्बेवासी मौजूद रहे।
परंपरा के अनुसार, भगवान चारभुजानाथ मंदिर में उत्थापन एवं कसार आरती के बाद देवस्थान विभाग के सिपाही, पुजारी और कस्बेवासी इमली वाले बालाजी हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां कद्दू की बलि देने के साथ शस्त्र पूजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद रावण वध की रस्म की शुरुआत हुई।
इसके बाद भगवान श्रीराम की प्रतिमा को अखाड़े से दर्शन घाटी स्थित रावण वध स्थल पर ले जाया गया। यहां परंपरा के अनुसार रावण के पुतले पर 11 राउंड गोलियां चलाई गईं, लेकिन गोलियां चलने के बाद भी पुतला नहीं गिरा। इसके बाद ग्रामीणों ने रावण पर पत्थर बरसाए, जिससे रावण का अंत हुआ।
रावण वध की रस्म पूरी होने के बाद भगवान श्रीराम की प्रतिमा की आरती उतारी गई। चारभुजा में दशहरे के अवसर पर निभाई जाने वाली यह अनूठी परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। गोलियां चलाने के बाद भी रावण का पुतला नहीं गिरना और अंततः ग्रामीणों द्वारा पत्थर बरसाकर उसका वध करना इस परंपरा की विशिष्ट पहचान है।

Rahul Acharya, Rajsamand
नाम: राहुल आचार्य
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: राजसमंद (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्राइम (अपराध) और बेसिक जनरल खबरें
परिचय
राहुल आचार्य राजसमंद क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल, पुलिस कार्रवाई, अपराध और क्षेत्र से जुड़ी सभी बुनियादी सामान्य खबरों (बेसिक जनरल न्यूज) की नियमित ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
राहुल आचार्य को मीडिया क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव है। वह इंडिया न्यूज़ (India News) चैनल के साथ 1 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और वर्तमान में 'प्रातःकाल' के साथ जुड़कर राजसमंद क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
