राजसमंद के केलवा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। समारोह में मुख्य अतिथियों की उपस्थिति के बीच भामाशाह सुमित पारीक ने विद्यालय में पानी की टंकी बनवाने की घोषणा कर जनसेवा की मिसाल पेश की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के प्रति कस्बे के समर्पण को जीवंत कर दिया।

केलवा। राजसमंद जिले के केलवा कस्बे में देशभक्ति का जज्बा उस समय परवान पर नजर आया जब श्रीमती फूलीदेवी अंशुल बोहरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह अत्यंत गौरवमयी और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। तिरंगे की आन-बान और शान के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बढ़ाई, बल्कि जनसेवा और शिक्षा के प्रति जन-भागीदारी की एक नई मिसाल भी पेश की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधानाचार्य मांगीलाल तेली द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया, जिसके पश्चात समूचा विद्यालय परिसर राष्ट्रगान और गगनभेदी देशभक्ति के नारों से गुंजायमान हो उठा।
समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच सुमन साहू एवं सुनील साहू उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों की लंबी फेहरिस्त में क्षेत्र के प्रतिष्ठित भामाशाह नरेंद्र बोहरा, महेंद्र कोठारी (अपैक्स), शिक्षाविद् प्रकाश बोहरा, पूर्व उपसरपंच नरेंद्र सिंह (पप्सा), और देवीलाल सिंदल ने शिरकत की। साथ ही प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के बीच थाना प्रभारी सुबोध जांगिड़, राकेश चौधरी, सुभाष कोठारी, पत्रकार भरत रजक, वार्ड पंच प्रतिनिधि विष्णु सिंह, निर्भय नारायण और लक्ष्मण सांखला जैसे गणमान्य नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अतिरिक्त सुमित पारीक, देवीलाल देवड़ा, लहरीलाल देवड़ा, नाथूलाल देवड़ा, रोशन सांखला, पोपट माली और गुलाब रेगर सहित कई प्रबुद्धजनों, अभिभावकों और विद्यालय स्टाफ की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
मंच संचालन का दायित्व अखिल नागदा एवं प्रदीप गुर्जर ने बखूबी निभाया, जिनकी ओजस्वी वाणी ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों, नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। नन्हे कलाकारों के उत्साहवर्धन के लिए अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
इस उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब भामाशाह सुमित पारीक, सुपुत्र रतन पारीक (चंद्र विलास होटल वाले), ने विद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने विद्यार्थियों की सुविधा हेतु विद्यालय परिसर में एक विशाल पानी की टंकी के निर्माण की सार्वजनिक घोषणा की। इस पुनीत कार्य और निस्वार्थ सेवा भावना के लिए विद्यालय प्रशासन एवं उपस्थित अतिथियों ने सुमित पारीक का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य मांगीलाल तेली ने सभी आगंतुकों और सहयोगकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। यह समारोह केवल एक उत्सव मात्र नहीं रहा, बल्कि सामुदायिक सहयोग के जरिए शिक्षा के मंदिर को समृद्ध करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

